विवाद के बीच बोले राहुल, गहलोत और पायलट कांग्रेस की ‘संपत्ति’

इंदौर (भाषा)। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट को राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा ‘गद्दार’ कहे जाने पर मचे विवाद के बीच वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने सोमवार को दोनों नेताओं को पार्टी की ‘संपत्ति’ बताया और कहा कि किसी भी नेता की बयानबाजी का ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पायलट को ‘गद्दार’ बताने संबंधी गहलोत के बयान पर राहुल ने कहा, ‘मैं इसमें नहीं जाना नहीं चाहता कि किसने क्या कहा। दोनों नेता (गहलोत और पायलट) कांग्रेस की संपत्ति हैं। मैं आपको इसकी गारंटी दे सकता हूं कि इसका (बयानबाजी का) भारत जोड़ो यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।’
गांधी ने इस बात का जवाब टाल दिया कि क्या मौका मिलने पर वह दोबारा अमेठी से चुनाव लड़ना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब साल-डेढ़ साल बाद मिल सकेगा और अभी उनका पूरा ध्यान ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, ‘आप चाहते हैं कि अखबार कल यह बतायें कि मैं अमेठी से अगला चुनाव लडूंगा या नहीं? मैं चाहता हूं कि अखबार भारत जोड़ो यात्रा के फलसफे के बारे में लिखें।’ गांधी ने कहा कि देश के तीन-चार उद्योगपतियों के हाथों में सारा धन केंद्रित होने से बेरोजगारी बढ़ रही है, और कांग्रेस इस समस्या को हल करने के लिए छोटे और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देगी तथा खासकर शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सरकारी निवेश को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत जैसे गतिशील देश को अपनी सोच के मुताबिक ‘अड़ियल तंत्र’ से चला रहे हैं और जनता की आवाज की अनसुनी कर रहे हैं। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान गांधी के कपड़ों और दाढ़ी को लेकर जारी निजी हमलों पर उन्होंने कहा,’भाजपा की समस्या यह है कि उसने मेरी छवि खराब करने में हजारों करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। लेकिन वह जितना पैसा इस काम में खर्च करेगी, मुझे उतनी शक्ति मिलेगी क्योंकि सचाई को छिपाया नहीं जा सकता।’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने यह भी कहा कि निजी हमले उनके ‘गुरु’ हैं क्योंकि ये उन्हें सही राह दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि वह उनके सामने खड़े संघ और भाजपा की सोच समझकर उनके खिलाफ लड़ाई में धीरे-धीरे बढ़त बना रहे हैं। गुजरात में समान नागरिक संहिता लागू करने के भाजपा के चुनावी वादे के बारे में पूछे जाने पर गांधी ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा, दोनों की दिशाएं स्पष्ट हैं।