उत्तर प्रदेश में मिला-जुला असर, जयपुर में भिड़े बीजेपी-कांग्रेस के कार्यकर्ता, जानें भारत बंद का ताजा हाल

कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। आज किसान यूनियनों ने देशभर में भारत बंद का आवाह्न किया है और कल केंद्र सरकार और किसानों के बीच छठे दौर की वार्ता होगी। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “सरकार को समझ लेना चाहिए कि कानून वापस लेने ही पड़ेंगे। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पूर्वाह्र 11 बजे से अपराह्न तीन बजे के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग और ‘टोल प्लाजा’ जाम करने की चेतावनी दी है। इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को छूट दी जाएगी। भारत बंद का असर अलग-अलग राज्यों में दिख रहा है। एक तरफ जहां बंगाल में ट्रेड यूनियन ने किसानों के समर्थन में मार्च निकाला, तो वहीं बिहार के दरभंगा में राजद कार्यकर्ताओं ने कानून के विरोध में टायर फूंक दी तो दिल्ली में पुलिस और सत्ताधारी पार्टी के बीत अलग ही आरोप-प्रत्यारोप का खेल देखने को मिला। बिहार के अलग-अलग शहरों में किसानों के भारत बंद के समर्थन में राजद कार्यकर्ता सड़क पर उतरे।

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों द्वारा मंगलवार को आहूत ‘भारत बंद’ का उत्तर प्रदेश में मिलाजुला असर दिखा। भारत बंद का विभिन्न विपक्षी राजनीतिक दल समर्थन कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बंद का कोई खास असर नहीं दिखा, लेकिन प्रदेश के अन्य विभिन्न जिलों में बंद का कहीं कम, तो कहीं ज्यादा असर दिखाई दे रहा है। लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप, आनंद भदौरिया, सुनील साजन और आशु मलिक भारत बंद के समर्थन में विधान भवन परिसर में स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने बैठे। भारत बंद का समर्थन कर रही कांग्रेस के प्रदेश मीडिया समन्वयक ललन कुमार ने बताया कि सरकार इस बंद को दबाने पर पूरी तरह उतारू है और राज्य के विभिन्न जिलों में देर रात से ही कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू कर दिया गया।

राजस्थान के जयपुर में भारत बंद के दौरान भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। भाजपा के जयपुर स्थित कार्यालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच पत्थरबाजी हुई।

आम आदमी पार्टी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घर पर नज़रबंद किया है, मुख्यमंत्री कल जब सिंघु बॉर्डर गए थे तभी से उन्हें नज़रबंद किया हुआ है। हालांकि आम आदमी पार्टी के आरोपों पर डीसीपी उत्तरी दिल्ली एंटो अल्फोंस ने कहा कि आप और किसी अन्य पार्टी के बीच टकराव से बचने के लिए यह सामान्य तैनाती है। मुख्यमंत्री को नज़रबंद नहीं किया गया है।

केंद्र सरकार के नये कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के ‘भारत बंद’ में मंगलवार को कुछ ऑटो और टैक्सी संघों ने भी भाग लिया और सड़कों पर वाहनों को नहीं उतारने का फैसला किया, वहीं कुछ ने हड़ताल से दूरी बनाई। दिल्ली सर्वोदय चालक संघ के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने दावा किया कि उसके अधिकतर सदस्य हड़ताल पर हैं। यह संगठन ओला और उबर जैसी ऐप आधारित टैक्सी के चालकों का प्रतिनिधित्व करता है। गिल ने कहा, ‘‘दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में करीब चार लाख ऐप आधारित कैब हैं। हमारे अधिकतर सदस्य हड़ताल पर हैं।’’ दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि दिल्ली राज्य टैक्सी सहकारी समिति और कौमी एकता कल्याण संघ समेत अनेक संघों से जुड़े वाहन चालक हड़ताल पर हैं ।

केंद्र के कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के भारत बंद के समर्थन में मंगलवार को महाराष्ट्र के अनेक हिस्सों में कृषि उपज विपणन समितियां (एपीएमसी) बंद रहीं। पुणे, नासिक, नागपुर और औरंगाबाद जैसे बड़े शहरों में थोक मंडियां बंद रहीं। कई शहरों में खुदरा मंडियां भी बंद रहीं। नवी मुंबई के वाशी और कल्याण में भी एपीएमसी बंद रहीं। यहां से मुंबई के लिए सब्जियों और फलों की आपूर्ति होती है। थोक व्यापारी बंद का समर्थन कर रहे हैं। सामान्य दिनों में हजारों ट्रक राज्यभर में सब्जी, फल, अनाज और मसालों की आपूर्ति करते हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के अंतर्गत आने वाले ठाणे और पालघर जिलों में सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित हुईं। सत्तारूढ़ शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने बंद का समर्थन किया है। हालांकि राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों से सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बाधित नहीं करने की अपील की। मुंबई में बसें और लोकल ट्रेन समेत सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बंद से अभी तक अप्रभावित हैं। ऑटोरिक्शा एवं टैक्सी संघों ने भारत बंद को समर्थन दिया है हालांकि उन्होंने भी सेवाएं जारी रखने का फैसला लिया है।

नए कृषि कानून के विरोध में किसानों के मंगलवार को आहूत ‘भारत बंद’ के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं। अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) लव कुमार ने सभी संगठनों से अपील की कि वे ऐसा कोई काम ना करें जिससे आमजन को किसी तरह की परेशानी हो। उन्होंने बताया कि बंद के मद्देनजर जिले में हर महत्वपूर्ण स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। कुमार ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति कानून हाथ में लेगा या कानून व्यवस्था को बाधित करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस और वाम दलों के समर्थकों ने मंगलवार को किसानों द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ के समर्थन में राज्य में कई स्थानों पर रेल पटरियों को जाम किया और सड़कों पर धरना दिया। केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मंगलवार को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इसका असर राज्य में देखने को मिला, जहां निजी वाहन सड़कों से नदारद रहे और बस, टैक्सी जैसे सार्वजनिक वाहनों का परिचालन सामान्य से कम है। कोलकाता में, माकपा के कार्यकर्ताओं और एसएफआई तथा डीवायएफआई के सदस्यों ने लेक टाउन, कॉलेज स्ट्रीट, जादवपुर और श्यामबाजार फाइव प्वाइंट क्रॉसिंग जाम की। वहीं कांग्रेस समर्थकों ने उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम चौमथा में, पश्विम मेदिनीपुर में पंसकुरा, हावड़ा जिले में बाली, मुर्शिदाबाद में बहरामपुर और खड़गपुर में सड़के जाम की, जहां पुलिस उन्हें वाहनों की आवाजाही बाधित ना करने के लिए कहती दिखी।

केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसान संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद के समर्थन में मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने गुजरात के ग्रामीण इलाकों में तीन राजमार्गों को बाधित किया और मार्ग पर जलते हुए टायर रख दिए। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कांग्रेस पार्टी से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने अहमदाबाद को विरमगाम से जोड़ने वाले राजमार्ग को साणंद के पास बाधित किया और सड़क पर जलते हुए टायर रख दिए। प्रदर्शनकारियों के एक अन्य समूह ने वडोदरा में राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित किया। एक अन्य मामले में प्रदर्शनकारियों ने भरूच और दाहेज को जोड़ने वाले राजमार्ग को नंदेलाव के पास बाधित किया। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने अहमदाबाद में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और स्थिति को नियंत्रण में किया। भारत बंद को देखते हुए राज्य सरकार ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लगाई है जिसके तहत चार से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध है।