केंद्रीय कमर्चारियों की न्यूनतम पेंशन सीमा बढ़ी

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार के कमर्चारियों के लिए न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 9000 रुपए प्रति व्यक्ति कर दी गई है। जो मौजूदा 3,500 रुपए की न्यूनतम पेंशन के दोगुने से अधिक है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री सिंह ने कहा कि देश में करीब 50.55 लाख पेंशनभोगी हैं।
स्वयंसेवी एजेंसियों की स्थायी समिति की 29वीं बैठक को संबोधित करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि करीब 88 प्रतिशत पेंशन खातों को आधार से जोड़ा गया है। बता दें कि कमर्चारी भविष्य निधि संगठन (ई.पी.एफ.ओ.) ने अपने 50 लाख पेंशनभोगियों और करीब 4 करोड़ अंशधारकों के लिए जनवरी के अंत तक आधार संख्या उपलब्ध कराने को अनिवार्य कर दिया गया है। जिन अंशधारकों या पेंशनभोगियों के पास आधार नहीं है, उन्हें माह के अंत तक यह सबूत देना होगा कि उन्होंने इसके लिए आवेदन कर दिया है। यह ई.पी.एफ.ओ. की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जरूरी बना दिया गया है।
कार्मिक मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा कि न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 9000 रुपए प्रति व्यक्ति कर दी गई है और क्षतिपूर्ति राशि 10.15 लाख रुपए से बढ़ाकर 25.35 लाख रुपए कर दी गई है। समिति की बैठक पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा आयोजित की गई। सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त कमर्चारियों के ज्ञान, अनुभव और प्रयासों का अच्छा उपयोग करने के लिए संस्थागत तंत्र बनाने की जरूरत है जो वतर्मान परिस्थितियों में मूल्यों को बढ़ाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कमर्चारी भारत के लिए स्वास्थ्यकर एवं उत्पादक कार्यबल हैं और हमें उपयोगी दिशा में उनकी उर्जा को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
पिछले दिनों पेंशन के विषय में देरी पर रोक लगाने और अधिक पारदशिर्ता लाने के लिए केंद्र ने अपने सभी विभागों को पेंशन विषयक मामलों का अनिवार्य तौर पर आॅनलाइन प्रणाली से निपटान करने का निर्देश दिया था। इस कदम से कमर्चारियों के वास्ते सेवानिवृति पश्चात लाभों को समय पर मंजूरी मिलेगी। कार्मिक, जनशिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने केंद्र सरकार के सभी विभागों के सचिवों को निर्देश जारी किया है कि पेंशन के मामलों का निपटान इलैक्ट्रॉनिक तरीके से किया जाए।