राहुल ने कोविड-19 से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार पर हमलावर हैं। इन दिनों भारत जोड़ो यात्रा का नेतृत्व करने वाले राहुल गांधी इन लगातार लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। इसी कड़ी में वह कर्नाटक पहुंचे हैं। कर्नाटक के गुंडलुपेट में ऑक्सीजन की कमी के कारण जान गंवाने वाले कोरोना वायरस मरीजों के परिवार के सदस्यों से उन्होंने बातचीत की थी। यहीं उनकी मुलाकात एक बच्ची से हुई। कोरोना महामारी के दौरान बच्ची के पिता की मृत्यु हो गई। इसी बच्ची के एक वीडियो को साझा करते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है और सवाल भी पूछा है। राहुल ने कोविड-19 से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की और सरकार से पूछा कि ‘‘आप उन्हें उनका हक क्यों नहीं दे रहे हैं’’।

अपने ट्वीट में राहुल ने लिखा कि प्रधानमंत्री जी, प्रतीक्षा की बात सुनें, जिसने भाजपा सरकार के कोविड कुप्रबंधन के कारण अपने पिता को खो दिया। वह अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार से समर्थन की गुहार लगाती है। क्या COVID पीड़ितों के परिवार उचित मुआवजे के पात्र नहीं हैं? आप उन्हें उनके अधिकार से क्यों वंचित कर रहे हैं?वहीं, कांग्रेस ने एक बयान जारी कर दावा किया कि गांधी के साथ बातचीत में मृतकों के परिवार के सदस्यों ने इस पर आक्रोश जताया कि भाजपा सरकार ने उनके प्रियजनों की मौत को कोविड मृतकों की सूची में शामिल तक नहीं किया।

कांग्रेस के बयान में साफ तौर पर कहा गया है कि छोटी-सी बच्ची प्रतीक्षा के शब्दों ने हॉल में सभी की आंखों में आंसू ला दिए। वह अपनी मां की पीड़ा को बता रही थी जो उसके पिता की मौत के बाद बेरोजगार है। इससे पहले राहुल ने आरोप लगाया था कि मोदी सरकार देश में गैर-भाजपा शासित राज्यों को निशाना बनाने के लिए राज्यपाल कार्यालय का ‘इस्तेमाल’ कर रही है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस नेता ने पूछा था कि राज्यपालों को विपक्षी शासित राज्यों में हस्तक्षेप करने का अधिकार क्यों होना चाहिए? क्या वे लोगों द्वारा चुने गए हैं? भाजपा और आरएसएस को जनता द्वारा चुनी गई सरकारों को एक के बाद एक गिराने का क्या अधिकार है?