असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों पर आकड़ों के संग्रहण के लिए कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार एक राष्ट्रव्यापी प्रतिदर्श सर्वेक्षण आयोजित कर रहा है

लखनऊ (संचार टाइम्स)। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग), सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों पर आकड़ों के संग्रहण के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिदर्श सर्वेक्षण ‘असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण आयोजित कर रहा है। इस सर्वेक्षण का क्षेत्र कार्य 1 अक्टूबर, 2022 से शुरू होगा और 30 सितंबर, 2023 तक चलेगा। क्षेत्र अधिकारियों को प्रशिशित करने के लिए, 25-27 सितंबर 2022 के दौरान तीन दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन राज्य राजधानी क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ द्वारा किया जा रहा है। क्षेत्रीय कार्यालय, प्रयागराज़ के अधिकारी भी इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए हैं।
तीन दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन 25 सितंबर, 2022 को होटल विजय पैराडाइज, विकास नगर, लखनऊ में डॉ, प्रवीण शुक्ल, उप महानिदेशक, मध्यांचल कार्यालय और श्री सीएस मिश्र, उप महानिदेशक, राज्य राजधानी क्षेत्रीय कार्यालय, द्वारा किया गया। श्री सी एस मिश्र ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमी के वार्षिक
सर्वेक्षण के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला। श्री मिश्र ने असमाविष्ट गैर-कृषि उद्यर्मी की विभिन्न परिचालन और आर्थिक विशेषताओं जैसे स्वामित्व कै प्रकार, संचालन की प्रकृति, उद्यर्मी के प्रकार स्थिति और पंजीकरण, रोजगार विवरण, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग, परिचालन व्यय पर्व प्राप्ति, विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवाओं आदि के अनुमान प्राप्त करने के लिए सर्वेक्षण के प्रारूप पर प्रकाश डाला।
विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी नीति-निर्माण के लिए उन्होंने आगे बताया कि इस विषय पर सर्वेक्षण पहले 33वैं दौर (जुलाई 1978- जून 1979), 67वैं दौर (जुलाई 2010 – जून 20) और 73वें दौर जुल़ाई 2015-जून 2016) में किए गए थे। 2015-16 के नवीनतम उपलब्ध परिणामों के अनुसार, देश में लगभग 6.34 करौड़ असमाविष्ट गैर कृषि उद्यम (निर्माण क्षेत्र कौ छोड़कर) हैं और उनका वितरण ग्राम्रीण क्षेत्रों में 5.3 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 48.7% है। देश में ऐसे उद्यमों में से 30% विनिर्माण में 36.3% व्यापार में और शेष 32.6% अन्य सेवाओं में लगे थे। ऐसे उद्यमों का उच्चतम प्रतिशत उत्तर प्रदेश में पाया गया, उसके बाद पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक का स्थान है। ये पांच राज्य देश में असमाविष्ट गैर-कृषि उद्यमों (निर्माण कौ छोड़कर) की कुल अनुमानित संख्या का लगभग आधा हिस्सा हैं। श्री मिश्र ने आगे बाताया कि असंगठित गैर-कृषि उद्यमों में काम करने वाले मालिकों, अवेतनिक परिवारों के सदस्य सहित कुल श्रमिकों की संखया लगभग 11.13 करोड़ थी, जिसमें से 55% शहरी क्षेत्रों और 45% ग्रामीण क्षेत्रों में काम करते थे। इस सर्वेक्षण कार्य का पहला दौर अक्टूबर 2019-मार्च 2020 कै दौरान आयोजित किया गया था और दूसरा दौर अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 कै दौरान आयोजित किया गया था।
श्री मिश्र ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आर्थिक विकास की योजना बनाने में विश्वसनीय आंमड़ों के महत्व और बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों के कारण असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका और इस क्षेत्र में अकुशल/अर्र्ध-कुशल/कुशल व्यक्तियों को प्रदान किए जाने वाले रोजगार के परिमाण के अलावा सकल घरेलू उत्पाद, बचत और पूंजी निर्माण में इसके योगदान पर भी प्रकाश डाला।