मुख्यमंत्री पद की शपथ : नीतीश कुमार, आठवीं बार

पटना। नीतीश कुमार ने बुधवार को आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी संभावनाओं के बारे में ‘चिंता’ करने की जरूरत है। राज्यपाल फागू चौहान द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने के तुरंत बाद पत्रकारों से बात करते हुए कुमार ने भाजपा के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि नई सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेगी। कुमार के अलावा राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी शपथ ली जिन्हें उपमुख्यमंत्री के तौर पर नामित किए जाने की संभावना है।
भाजपा की कथित साजिश की ओर इशारा करते हुए नीतीश ने कहा, ‘‘2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू के साथ क्या हुआ था। मैं 2020 में मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता था। आप सभी साक्षी हैं कि तब से क्या हो रहा था।’’ उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया, ‘हमारे लोगों ने उनका समर्थन किया और उनकी ओर से जदयू को हराने की कोशिश की गई।’ देश में आगामी आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद की उनकी महत्वाकांक्षाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मेरी कोई भी दावेदारी नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या वे देश में अब विपक्ष की राजनीति को मजबूत करेंगे, नीतीश ने कहा कि पूरे तौर पर करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है विपक्ष खत्म हो जाएगा तो हमलोग भी अब आ ही गए हैं विपक्ष में। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘2014 में जो (सत्ता में) आए, 2024 के आगे रह पाएंगे या नहीं वह अपना समझें।’
उपराष्ट्रपति उम्मीदवार नहीं बनाया तो हो गए अलग : बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को कहा कि नीतीश कुमार के राजग से नाता तोड़ने का मूल कारण उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नहीं बनाया जाना है। मोदी ने यहां खुलासा किया कि कुमार ने बिहार राजग से नाता तोड़ने का जो निर्णय लिया है उसके पीछे मूल कारण था कि वह खुद को देश का उप राष्ट्रपति बनाना चाहते थे लेकिन भाजपा इसके लिए तैयार नहीं थी।