इस्लामिक स्टेट बनाने के लिए अल्पसंख्यक युवाओं को भड़का रहा था आजमी

लखनऊ । यूपी एटीएस ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सहयोग से भारत में आईएसआईएस का नेटवर्क खड़ा करने और इस्लामिक स्टेट बनाने के लिए अल्पसंख्यक युवाओं को भड़काने वाले आईएसआईएस से जुड़े सबाउद्दीन आज़मी उर्फ सहाहु उर्फ दिलावर खान उर्फ बैरम खान उर्फ आज़म को आजमगढ़ से मंगलवार को गिरफ्तार किया है।

एटीएस का दावा है कि वह सीरिया में रहने वाले आतंकी अबू बकर अल-शामी से बात करता था। उसने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों पर हो रही कार्रवाई का बदला लेने के लिए आईईडी व ग्रेनेड बनाने व चलाना सीखा। वह युवाओं को रिक्रूट कर स्वयं सेवक संघ के नेताओं को टारगेट करने की योजना बना रहा था। एटीएस उसे जल्द ही रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किया गया सबाउद्दीन आज़मी मूलतः मुबारकपुर आजमगढ़ का रहने वाला है। एटीएस व अन्य सुरक्षा एजेंसियां स्वतंत्रता दिवस के मद्देनज़र सर्विलांस पर थी। इस दौरान सूचना मिली कि आजमगढ़ में एक युवक वाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिये मुस्लिम युवकों को आईएस के लिए रिक्रूट करने का काम कर रहा है। आरोपी सबाउद्दीन आज़मी को गिरफ्तार कर एटीएस मुख्यालय लखनऊ में पूछताछ की गई तो कई रहस्यों का खुलासा हुआ। उसके मोबाइल की छानबीन से पता चला कि वह मुस्लिम युवकों को आईएस से जोड़ने के लिए बनाए गए टेलीग्राम चैनल अल-शाक्र मीडिया से जुड़ा हुआ है। वह राजनीतिक दल एआईएमआईएम का सक्रिय सदस्य भी है।

जांच में सामने आया है कि वह फेसबुक पर बिलाल नाम के व्यक्ति से जुड़ा था। बिलाल सबाउद्दीन से जिहाद और कश्मीर में मुजाहिदों पर हो रही कार्रवाई के बारे में बात करता था। बातों-बातों में ही बिलाल ने मूसा उर्फ खत्ताब कश्मीरी का सबाउद्दीन को नंबर दिया। सबा मूसा उर्फ खत्ताब कश्मीरी से बात करने लगा। मूसा आईएसआईएस का सदस्य है। इस बात के भी प्रमाण मिले कि उसने सीरिया में रह रहे अबू बकर अल-शामी से उसने जुल्मों का बदला लेने के लिए भी बात की। अल-शामी ने सबाउद्दीन को आईईडी बनाने के साथ ही हैंड ग्रेनेट व बम बनाने की ट्रेनिंग दी। इस दौरान अल-शामी उससे लगातार भारत में इस्लामिक संगठन बनाने और भारत में इस्लामी हुकूमत और शरिया कानून लागू करने के लिए काम करने के बारे में कहता रहा।

एटीएस ने दावा किया है कि यही नहीं सबाउद्दीन आज़मी ने स्वयं सेवक संघ के नेताओं पर हमले के लिए योजना बना रहा था। एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि इसके लिए उसने आरआरएस नाम से ई-मेल आईडी भी बनाई व उससे फेसबुक अकाउंड बनाकर उन्हें टारगेट करने की योजना पर काम कर रहा था। यही नहीं उसने एक मुजाहिद्दीन संगठन तैयार करने के लिए कई युवाओं से संपर्क किया था।

एटीएस ने उसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह, की धाराओं के अलावा विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। उसके कब्जे से एटीएस ने एक कट्टा, कारतूस, के अलावा आईईडी और बम बनाने की सामग्री बरादम की है। साथ में बम में इस्तेमाल की जाने वाली चाइनीज़ कीलें बरामद की गई हैं। एटीएस को उसके अन्य साथियों की तलाश है।