राज्यसभा के लिए आखिरी वक्त में हटा नाम, अब आजमगढ़ में अखिलेश के छोड़े मैदान को संभालेंगी डिंपल यादव!

उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज है। राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है। माना जा रहा था कि डिंपल यादव राज्यसभा के लिए उम्मीदवार घोषित हो सकती हैं। हालांकि, आखिरी वक्त में उनके नाम को हटा दिया गया। डिंपल यादव की जगह जयंत चौधरी को अखिलेश यादव राज्यसभा भेज रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि डिंपल यादव क्या आजमगढ़ से लोकसभा सीट पर उप चुनाव लड़ेंगी? यह सवाल इसलिए भी अहम हो गया है क्योंकि 23 जून को ही आजमगढ़ से उपचुनाव होना है। करहल से जीत हासिल करने के बाद अखिलेश यादव ने आजमगढ़ लोक सभा सीट को खाली कर दिया था। समाजवादी पार्टी के लिए आजमगढ़ सीट बेहद महत्वपूर्ण है और माना जा रहा है कि अखिलेश यादव यहां से डिंपल यादव को समाजवादी पार्टी के कैंडिडेट बना सकते हैं।

2014 के लोकसभा चुनाव में यहां से मुलायम सिंह यादव ने जीत हासिल की थी। 2019 में लोकसभा चुनाव के लिए आजमगढ़ को अखिलेश यादव ने चुना था और यहां से जीत हासिल की थी। विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने करहल से जीत हासिल की। उसके बाद वह विधायक बन गए और अब नेता प्रतिपक्ष हैं। ऐसे में आजमगढ़ के महत्व को देखते हुए माना जा रहा है कि यादव परिवार के ही किसी सदस्य को अखिलेश यहां से उप चुनाव में उम्मीदवार बना सकते हैं। इसके लिए अखिलेश यादव लगातार आजमगढ़ का दौरा भी कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं का मन टटोल भी रहे हैं। डिंपल यादव को चुनाव में उतारने को लेकर इसलिए भी ज्यादा बातें कही जा रही हैं क्योंकि अगर किसी दूसरे नेता को चुनाव में उतारा जाता है तो स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच बगावत का खतरा भी हो सकता है।

अखिलेश यादव खुद को राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय कर रहे हैं। इसलिए उन्हें दिल्ली में भी बार बार देखा जाता है। माना जा रहा था कि डिंपल यादव के राज्यसभा पहुंचने के बाद अखिलेश यादव के पास एक स्थाई ठिकाना दिल्ली में बरकरार रह सकता था। हालांकि वह तो नहीं हुआ। लेकिन उपचुनाव में जीत हासिल होने के बाद डिंपल यादव के पास दिल्ली में ठिकाना जरूर रहेगा जो कि अखिलेश यादव के लिए भी फायदेमंद होगा। आजमगढ़ लोक सभा सीट पर करीब 19 लाख मतदाता हैं जिनमें से 4.50 लाख के आसपास यादव वोटर हैं। दलित और मुस्लिम मतदाताओं की भी संख्या यहां अच्छा है।