राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में टिकट के कई दावेदार, मिल सकती है 11 सीटें

राज्यसभा चुनाव को लेकर देश की राजनीति में लगातार हलचल है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर भी है कि इस बार के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें मिल सकती हैं जानकारी के मुताबिक के कांग्रेस को आसानी से 11 सीटें मिल सकती हैं जिसके बाद उच्च सदन में उसकी संख्या 33 हो जाएगी। फिलहाल में देखें तो कांग्रेस के पास 29 राज्यसभा के सांसद हैं। लेकिन अब 11 के बाद उनके सदस्यों की संख्या 33 हो सकती है। हालांकि कांग्रेस के लिए उम्मीदवारों का चयन इतना आसान नहीं है। खबर के मुताबिक पी चिदंबरम और जयराम रमेश जैसे कई दिग्गज नेता राज्यसभा उम्मीदवार के रेस में आगे चल रहे हैं।

इसके अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी राज्यसभा की दावेदारी को मजबूत कर रहे हैं। हालांकि आज ही कपिल सिब्बल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था कपिल सिब्बल भी राज्यसभा से रिटायर हो रहे थे। अब वे समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा पहुंचेंगे। गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला, अजय माकन और राजीव शुक्ला जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यसभा के लिए टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मौजूदा गणित के हिसाब से कांग्रेस को राजस्थान से तीन, छत्तीसगढ़ से दो, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा और मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक-एक सीट मिल सकती है। अगर तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक और झारखंड में झामुमो एक-एक सीट देती है तो फिर कांग्रेस को दो और सीट मिल सकती हैं।

सूत्रों का कहना है कि चिदंबरम अपने गृह राज्य तमिलनाडु से राज्यसभा पहुंचने की उम्मीद लगाए हुए हैं। उन्होंने द्रमुक के नेता और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात भी की है। बहरहाल, यह भी चर्चा है कि राहुल गांधी की टीम कांग्रेस के डाटा विश्लेषण विभाग के प्रमुख प्रवीण चक्रवर्ती को तमिलनाडु से राज्यसभा भेजने के लिए जोर लगा रही है। कर्नाटक से अगर रमेश की उम्मीदवारी पर मुहर लगती है तो उनका राज्यसभा में यह चौथा कार्यकाल होगा। वैसे सुरजेवाला को भी कर्नाटक से राज्यसभा के दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है। चिदंबरम (महाराष्ट्र), रमेश (कर्नाटक), अंबिका सोनी (पंजाब), विवेक तन्खा (मध्य प्रदेश), प्रदीप टम्टा (उत्तराखंड), कपिल सिब्बल (उत्तर प्रदेश) और छाया वर्मा (छत्तीसगढ़) का राज्यसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है।

गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला, अजय माकन और राजीव शुक्ला जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यसभा के लिए टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मौजूदा गणित के हिसाब से कांग्रेस को राजस्थान से तीन, छत्तीसगढ़ से दो, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा और मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक-एक सीट मिल सकती है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर देश की राजनीति में लगातार हलचल है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर भी है कि इस बार के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें मिल सकती हैं जानकारी के मुताबिक के कांग्रेस को आसानी से 11 सीटें मिल सकती हैं जिसके बाद उच्च सदन में उसकी संख्या 33 हो जाएगी। फिलहाल में देखें तो कांग्रेस के पास 29 राज्यसभा के सांसद हैं। लेकिन अब 11 के बाद उनके सदस्यों की संख्या 33 हो सकती है। हालांकि कांग्रेस के लिए उम्मीदवारों का चयन इतना आसान नहीं है। खबर के मुताबिक पी चिदंबरम और जयराम रमेश जैसे कई दिग्गज नेता राज्यसभा उम्मीदवार के रेस में आगे चल रहे हैं।

इसके अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी राज्यसभा की दावेदारी को मजबूत कर रहे हैं। हालांकि आज ही कपिल सिब्बल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था कपिल सिब्बल भी राज्यसभा से रिटायर हो रहे थे। अब वे समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा पहुंचेंगे। गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला, अजय माकन और राजीव शुक्ला जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यसभा के लिए टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मौजूदा गणित के हिसाब से कांग्रेस को राजस्थान से तीन, छत्तीसगढ़ से दो, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा और मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक-एक सीट मिल सकती है। अगर तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक और झारखंड में झामुमो एक-एक सीट देती है तो फिर कांग्रेस को दो और सीट मिल सकती हैं।

सूत्रों का कहना है कि चिदंबरम अपने गृह राज्य तमिलनाडु से राज्यसभा पहुंचने की उम्मीद लगाए हुए हैं। उन्होंने द्रमुक के नेता और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात भी की है। बहरहाल, यह भी चर्चा है कि राहुल गांधी की टीम कांग्रेस के डाटा विश्लेषण विभाग के प्रमुख प्रवीण चक्रवर्ती को तमिलनाडु से राज्यसभा भेजने के लिए जोर लगा रही है। कर्नाटक से अगर रमेश की उम्मीदवारी पर मुहर लगती है तो उनका राज्यसभा में यह चौथा कार्यकाल होगा। वैसे सुरजेवाला को भी कर्नाटक से राज्यसभा के दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है। चिदंबरम (महाराष्ट्र), रमेश (कर्नाटक), अंबिका सोनी (पंजाब), विवेक तन्खा (मध्य प्रदेश), प्रदीप टम्टा (उत्तराखंड), कपिल सिब्बल (उत्तर प्रदेश) और छाया वर्मा (छत्तीसगढ़) का राज्यसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है।