…भड़का ईरान, कहा- खून का बदला जरूर लेंगे

अपने टॉप कमांडर की हत्या के बाद ईरान बुरी तरह भड़क गया और उसे ऐलान किया है कि वह इस हत्या का बदला जरूर लेगा। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने कर्नल हसन सैय्यद खोदेई की हत्या को आतंकी हमला बताया है और कहा है कि ईरान इसका बदला जरूर लेगा। यह सब तब हुआ था जब तेहरान में रविवार शाम इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स के कर्नल हसन सैय्यद खोदेई की दो बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस हत्या के पीछे इजराइल की खूफिया एजेंसी मोसाद का हाथ बताया जा रहा है। दरअसल, ईरान में इस हमले के बाद तगड़ी और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने ओमान जाते समय कहा कि इस हमले की जांच से यह पता चलेगा कि इसके पीछे भी ‘अंतरराष्ट्रीय अहंकार का ही हाथ है’ और जल्द ही इस खून का बदला जरूर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीरिया में शिया मुसलमानों के पवित्र दरगाहों की रक्षा करने वाली ताकतों के हाथों परास्त होने वाले लोग इस तरह हत्या करने वाले हमले कर अपनी हताशा प्रकट कर रहे हैं।

वहीं हमले के बाद ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रविवार को कहा था कि कर्नल की हत्या ईरान के शत्रुओं ने की है जो आतंकवादी एजेंट हैं। यह अफसोस की बात है कि आतंकवाद से लड़ने का दावा करने वाले खामोश हैं और इसका समर्थन कर रहे हैं। बीबीसी ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि ईरान का यह बयान माना जा रहा है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की तरफ एक इशारा है। इससे पहले हमले के बाद ईरान की तरफ से यह भी कहा गया कि इस मामले में इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस हत्याकांड में इन लोगों का ही हाथ होने का संदेह ईरान ने जताया है। सैयद खोदाई ईरान के लिए कासिम सुलेमानी के बाद दूसरे बड़े सैन्य कमांडर थे। वह इराक और सीरिया में स्थित शिया समुदाय के पवित्र स्थलों की रक्षा करने का काम देख रहे थे।

स्थानीय मीडिया के अनुसार राजधानी तेहरान में रविवार को कर्नल सैयद खोदाई जब अपने घर के बाहर कार में सवार थे, उसी समय सशस्त्र हमलावरों ने गोलीमार कर उनकी हत्या कर दी। यह 2020 के बाद से ईरान में सबसे बड़ा मामला है, जब एक सीनियर अधिकारी कासिम सुलेमानी की हत्या कर दी गई थी। कर्नल खोदाई कुलीन कुद्स फोर्स के एक वरिष्ठ सदस्य थे, जो रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की एक बाहरी शाखा है। कासिम सुलेमानी भी इसी फोर्स से ताल्लुक रखते थे।