इंदौर में भीषण आग से पति-पत्नी समेत सात की मौत

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में घनी बसाहट वाले इलाके में तीन मंजिला रिहायशी इमारत में शनिवार तड़के भीषण आग लगने से एक दम्पति समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य व्यक्ति घायल हो गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अग्निकांड पर शोक जताया है और घटना की विस्तृत जांच के साथ ही इसमें मारे गए लोगों के शोकसंतप्त परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करने के आदेश दिए हैं।
उधर, चश्मदीदों का आरोप है कि विजय नगर क्षेत्र में तंग गलियों वाली स्वर्ण बाग कॉलोनी की रिहायशी इमारत में भीषण लपटों और गहरे काले धुएं से घिरे लोगों की मदद के लिए अग्निशमन दल काफी देर से मौके पर पहुंचा। मुख्यमंत्री चौहान ने ट्वीट करके कहा, इंदौर में आग लगने की घटना में सात लोगों की मौत की खबर अत्यंत हृदय विदारक है। मैंने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे।
इस बीच, डीसीपी संपत उपाध्याय ने बताया, रिहायशी इमारत के अग्निकांड में मारे गए सात लोगों में ईर सिंह सिसोदिया और उनकी पत्नी नीतू सिसोदिया शामिल हैं। यह दम्पति इमारत के फ्लैट में किराए पर रहते थे क्योंकि इसके सामने ही उनका मकान बन रहा था। उपाध्याय ने बताया, अग्निकांड में एक अन्य महिला की भी मौत हुई है जिसकी पहचान आकांक्षा के रूप में हुई है। इमारत की तीनों मंजिलों पर अलग-अलग फ्लैट बने हुए थे और अग्निकांड में हताहत लोग इनमें किराए पर रहते थे। सभी हताहतों की उम्र 25 से 45 साल के बीच है। डीसीपी ने बताया, इमारत की निचली मंजिल का मुख्य दरवाजा और ऊपरी मंजिलों की ओर जाने वाली सीढ़ियां भीषण लपटों और गहरे धुएं से घिरी थीं, जबकि तीसरी मंजिल से छत को जाने वाला दरवाजा जलकर बेहद गर्म हो गया था। इससे घटना के दौरान ज्यादातर लोग इमारत में फंसे रह गए। हालांकि, कुछ लोगों ने अपने फ्लैट की बालकनी में आकर जान बचाई। विजय नगर पुलिस थाने के प्रभारी तहजीब काजी ने माना कि स्वर्ण बाग कॉलोनी की तंग गलियों के कारण अग्निशमन दल को मौके पर पहुंचने में काफी परेशानी हुई। उन्होंने हालांकि कहा, अग्निशमन दल ने रिहायशी इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकाला और आग पर काबू पाया। इस दल के प्रयासों के कारण ही आग की लपटें पास की इमारतों तक नहीं पहुंच सकी। (भाषा)