पाकिस्तान के सियासी ड्रामे में सेना की एंट्री का टाइम आ गया? विपक्ष ने आर्मी चीफ बाजवा से की ये खास अपील

पाकिस्तान के सियासी संकट पर आज सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई होनी है। लेकिन अब पाकिस्तान की सियासत में नया मोड़ आता दिखाई दे रहा है। विपक्षी दल के नेता की ओर से सेना से मदद मांगी गई है। नवाज शरीफ के भाई और विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ की ओर से पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से अपील की गई है कि वो पूरे मामले को लेकर दूध का दूध और पानी का पानी करें।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के नेता शहबाज शरीफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इमरान सरकार को जमकर निशाने पर लिया है। उन्होंने इमरान खान पर देश को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो लगातार झूठ बोलते हैं। हम देश में जल्द चुनाव चाहते हैं। शहबाज शरीफ ने कहा कि मुझे अभी भी राष्ट्रपति की ओर से कोई चिट्ठी नहीं मिली है। इमरान खान और राष्ट्रपति ने मिलकर संविधान को तोड़ा है। शरीफ ने कहा कि हम लोग न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन संविधान को बार-बार तोड़ा गया है।

पाकिस्तानी सेना और मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने देश में मौजूदा राजनीतिक स्थिति में सेना की किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया है। प्रधानमंत्री इमरान खान की सलाह पर राष्ट्रपति आरिफ अल्वी द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकार करने और नेशनल असेंबली (एनए) के बाद के विघटन पर एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए सैन्य सेना ने ये टिप्पणी की। इफ्तिखार ने कहा। नेशनल असेंबली में जो कुछ हुआ, उससे सेना का कोई लेना-देना नहीं है।