पाकिस्तान की नेशनल असेंबली हुई भंग, 90 दिनों के भीतर होंगे चुनाव, आधे घंटे पहले इमरान खान ने राष्ट्रपति से की थी सिफारिश

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को बड़ा दांव खेलते हुए राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से नेशनल असेंबली को भंग करने की सिफारिश की, जिसके आधे घंटे के भीतर ही राष्ट्रपति ने नेशनल असेंबली को भंग कर दिया। आपको बता दें कि इमरान खान ने राष्ट्र के नाम संबोधन में आवाम को चुनावों की तैयारी करने की हिदायद देते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति से नेशनल असेंबली को भंग करने की सिफारिश की है। वहीं, इमरान सरकार में मंत्री फारुख हबीब ने बताया कि 90 दिन के भीतर चुनाव होंगे।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को नेशनल असेंबली (संसद) को भंग करने की सिफारिश की है और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। इमरान खान के संबोधन के कुछ मिनट पहले ही नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को संविधान के अनुच्छेद पांच के खिलाफ बताते हुए खारिज कर दिया।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी के फैसले को गलत बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने संविधान का उल्लंघन किया है। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान नहीं होने दिया। संयुक्त विपक्ष संसद नहीं छोड़ रहा है। हमारे वकील सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। हम सभी संस्थानों से पाकिस्तान के संविधान की रक्षा करने, उसे बनाए रखने, बचाव करने और लागू करने का आह्वान करते हैं।

विपक्ष को इमरान खान को सत्ता से बाहर ढकेलने के लिए 342 में से 172 सदस्यों के समर्थन की ज़रूरत है जबकि उन्होंने दावा किया कि उनके पास 177 सदस्यों का समर्थन है। हालांकि डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी ने संविधान के अनुच्छेद पांच का हवाला देते हुए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया।