केजरीवाल बोले- मुझे आतंकी कहने वालों को मिल गया जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच के अनुरोध वाली एक याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि उनके संबंध खालिस्तानी आतंकवादियों से है। हालांकि कोर्ट ने इस याचिका को पूरी तरीके से बेबुनियाद करार दिया। इसके बाद केजरीवाल की ओर से एक ट्वीट भी आया है। केजरीवाल ने कहा कि जिन लोगों ने मुझे आतंकवादी बोला था, पहले जनता ने उनको जवाब दे दिया। आज अदालत ने भी उन्हें जवाब दे दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वह इस तरह की तुच्छ याचिकाएं दायर नहीं करें।

पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिका में आप कहते हैं कि अधिकारियों को पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री का केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र की जानकारी है। किसी जांच के लिए हमारे निर्देश देने का सवाल कहां पैदा हो रहा है? कृपया इस तरह की तुच्छ याचिकाएं दर्ज न करें। यह पूरी तरह से बेबुनियाद है। क्या यह सोचने का कोई कारण है कि अधिकारी कार्रवाई नहीं करेंगे या कार्रवाई नहीं कर रहे हैं? अदालत कांग्रेस नेता जगदीश शर्मा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन आरोपों की जांच का अनुरोध किया था कि आप और उसके संयोजक केजरीवाल के प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) और अन्य खालिस्तानी ताकतों से संबंध हैं तथा पंजाब में चुनाव लड़ने के लिए उनसे धन प्राप्त किया है।

याचिका में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा लिखे गए एक पत्र और उसी तर्ज पर आप के पूर्व नेता कुमार विश्वास के बयान का हवाला दिया गया। याचिका में कहा गया, ‘‘सिख फॉर जस्टिस के संस्थापक सदस्य गुरपंत सिंह पन्नू का एक पत्र भी मिला जिसमें लिखा था कि एसएफजे ने 2017 के विधानसभा चुनाव में आप को समर्थन दिया था और इसी तरह इन चुनावों में भी एसएफजे ने मतदाताओं से आम आदमी पार्टी को वोट देने का आह्वान किया।’’ अधिवक्ता रुद्र विक्रम सिंह के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया, ‘‘इस पत्र को ध्यान में रखते हुए यानी आम आदमी पार्टी और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल का इन अलगाववादी ताकतों के साथ संबंध को लेकर पंजाब के (तत्कालीन) मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए अमित शाह (गृह मंत्री) को एक पत्र भी लिखा।’’