रूस और यूक्रेन पीछे हटने को नहीं तैयार, दिखायी दे रहा तबाही का मंजर

रूस और यूक्रेन में जंग की शुरूआत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन की राजधानी कीव समते कई अलग-अलग जगहों पर धमाके सुने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि, कीव पर क्रूज और बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला हुआ है। कीव के अलावा यूक्रेन के खारकीव शहर में ब्लास्ट हुए है। आपको बता दें कि, गुरूवार को भी डोनेस्क में पांच धमाके हुए थे। यह वहीं 2 इलाकों में से एक ही जिसपर रूस ने एक नए देश के रूप में मान्यता दी है।

भारतीय वायु सेना ने यूक्रेन में फंसे 630 भारतीय नागरिकों को स्वदेश वापस लाने के लिए बृहस्पतिवार की रात से शुक्रवार की सुबह तक, रोमानिया और हंगरी से हिंडन एयरबेस तक तीन उड़ानें परिचालित कीं। वायु सेना ने बृहस्पतिवार को सुबह सरकार के ऑपरेशन गंगा के तहतरोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट, हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट और पोलैंड के शहर रजेसो से हिंडन एयरबेस तक चार उड़ानें परिचालित कीं जिनके जरिये 798 भारतीयों को वापस लाया गया। वायु सेना अब तक सात उड़ानों के जरिये कुल 1,428 भारतीयों को यूक्रेन से वापस ला चुकी है। इस अभियान में सी-17 विमान की सहायता ली गई। भारतीय वायु सेना ने शुक्रवार को ट्वीट किया, “हंगरी और रोमानिया के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर, पिछली रात और आज सुबह तीन और सी-17 विमान हिंडन एयरबेस पर लौटे जिसमें यूक्रेन से 630 भारतीय नागरिकों को स्वदेश वापस लाया गया।”
भारतीय वायु सेना ने युद्धग्रस्त यूक्रेन के पूर्वी शहरों-सूमी और खारकीव आदि में फंसे भारतीयों को रूसी राजधानी मास्को के रास्ते निकालने के लिए दो आईएल-76 सैन्य परिवहन विमानों को तैयार (स्टैंडबाई) रखा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि पूर्वी यूक्रेन के शहरों में भीषण लड़ाई हो रही है और वहां फंसे भारतीय यूक्रेन की पश्चिमी सीमा तक नहीं पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए भारतीय वायुसेना रूसी सैन्य बलों की मदद से उन्हें मास्को के रास्ते निकालने की योजना बना रही है। भारत अब तक, यूक्रेन के पश्चिमी पड़ोसियों जैसे रोमानिया, स्लोवाकिया, पोलैंड और हंगरी के रास्ते अपने नागरिकों को निकाल रहा है क्योंकि रूसी हमले के कारण यूक्रेन का हवाई क्षेत्र 24 फरवरी से बंद है।
यूक्रेन के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र में रूसी गोलाबारी से लगी आग पर काबू पा लिया गया है और संयंत्र पर रूसी बलों ने कब्जा कर लिया है। क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन ने एक बयान में कहा कि एनेर्होदार शहर में स्थित जेपोरिजजिया संयंत्र में रिएक्टर संख्या-1 के कंपार्टमेंट को नुकसान पहुंचा है।
यूक्रेन में जारी रूसी सैन्य कार्रवाई और वहां से भारतीयों की सुरक्षित निकासी के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को एक और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और प्रधानमंत्री कार्यालय के शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं। सूत्रों ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री यूक्रेन से संबंधित स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।’’
रूसी बलों ने यूक्रेन के एनेर्होदर शहर में हमले तेज कर दिए हैं और इसी क्रम में यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुई गोलाबारी के बाद आग लग गई है। संयंत्र में आग लगने के बाद वहां से विकिरण फैलने का खतरा पैदा हो गया है। संयंत्र के प्रवक्ता एन्ड्री तुज ने यूक्रेनी टेलीविजन को बताया कि गोले सीधे प्रतिष्ठान पर गिर रहे हैं और इससे छह रिएक्टर में से एक में आग लग गयी है। हालांकि इस रिएक्टर में मरम्मत का काम चल रहा था और यह बंद था,लेकिन इसके अंदर परमाणु ईंधन मौजूद है। यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने ट्वीट किया कि अग्निशमन दस्ता वहां नहीं पहुंच पा रहा है क्योंकि उन्हें गोली मारी जा रही है। विदेश मंत्री ने रूस से हमले रोकने और अग्निशमन दल को अंदर जाने देने की अपील की है। तुज ने एक वीडियो संदेश में कहा,‘‘ हम मांग करते हैं कि वे भारी हथियारों से की जा रही गोलाबारी बंद करें।
नागर विमानन राज्य मंत्री वी के सिंह ने शुक्रवार को बताया कि यूक्रेन की राजधानी कीव में एक भारतीय छात्र कथित तौर पर गोली लगने से घायल हो गया है। सिंह, इस समय युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए उसके पड़ोसी देश पोलैंड में हैं। मंत्री ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ आज, हमें पता चला है कि कीव छोड़कर जा रहे एक छात्र को गोली लग गई है। उसे वापस कीव ले जाया गया है। युद्ध में ऐसा होता है।’’ गौरतलब है कि एक मार्च को यूक्रेन के खारकीव में गोली लगने से कर्नाटक के छात्र नवीन एसजी की मौत हो गई थी। वह घटना के वक्त अपने और साथी छात्रों के लिये भोजन लेने बाहर निकला था। सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रही है कि कम से कम नुकसान के साथ अधिक से अधिक छात्र यूक्रेन से बाहर आ सकें। भारत, रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद से युद्धग्रस्त देश में फंसे अपने नागरिकों को रोमानिया, हंगरी और पोलैंड के रास्ते स्वदेश ला रहा है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) का कहना है कि यूक्रेन में रूसी सेना के हमले का शिकार हुए परमाणु ऊर्जा संयंत्र में विकिरण के स्तर में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। आईएईए ने यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा नियामक के हवाले से ट्वीट कर शुक्रवार को यह जानकारी दी। आईएईए ने टि्वटर पर कहा कि उसके महानिदेशक मारियानो ग्रॉसी जपोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र की मौजूदा स्थिति को लेकर यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस श्मीगल और यूक्रेनी परमाणु ऊर्जा नियामक और संचालक के लगातार संपर्क में बने हुए हैं। आईएईए के महानिदेशक ने दोनों पक्षों से गोलाबारी बंद करने की अपील करते हुए कहा कि यदि परमाणु ऊर्जा को निशाना बनाया गया तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने देश में मौजूद यूक्रेन के लोगों को बृहस्पतिवार को मानवीय सहायता की पेशकश की,जो हजारों लोगों को उनके युद्धग्रस्त देश भेजे जाने से उनकी रक्षा कर सकता है। संघीय कार्यक्रम ‘टेंपरेरी प्रोटेक्टेड स्टेटस’ (अस्थायी संरक्षित दर्जा) के तहत यूक्रेन के नागरिक 18 महीने तक देश में रह सकते हैं। संरक्षण का पात्र होने के लिए किसी व्यक्ति का कम से कम मंगलवार से अमेरिका में होना आवश्यक है। प्रशासन ने कहा कि यूक्रेन में रूसी आक्रमण के कारण यह फैसला किया गया है। आक्रमण से एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो गया है, जिससे 10 लाख से अधिक लोग देश छोड कर चले गए हैं। गृह सुरक्षा मंत्री एलेजांद्रो एन. मयोरकास ने कहा, ‘‘ यूक्रेन पर रूस के पूर्व नियोजित और अकारण हमले के परिणामस्वरूप वहां युद्ध तथा बेवजह की हिंसा का मंजर है, जिस कारण यूक्रेन के नागरिक दूसरे देशों में पनाह लेने को मजूबर हो गए हैं।’’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन समेत क्वाड के नेता बृहस्पतिवार को नयी मानवीय सहायता और आपदा राहत तंत्र बनाने पर राजी हो गए, जिससे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण यह गठबंधन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भविष्य की मानवीय चुनौतियों से निपटने और संवाद के लिए एक चैनल बना सकेगा। इन नेताओं ने यूक्रेन में बढ़ते संकट से निपटने पर भी चर्चा की। यूक्रेन संकट के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच मतभेद होने की सभी अटकलों को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के साथ यूक्रेन-रूस संकट पर संयुक्त बयान जारी किया।
फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन पर हमले रोकने के लिए एक बार फिर कहा है, लेकिन पुतिन अभी ऐसा नहीं करेंगे। मैक्रों ने ट्वीट किया, ‘‘इस समय तो उन्होंने इससे इनकार किया है।’’ फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने पुष्टि की कि उन्होंने बृहस्पतिवार को पुतिन से फोन पर बात की थी और कहा कि वह संवाद जारी रखेंगे ताकि और अधिक मानवीय त्रासदी नहीं हो।
युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे 185 यात्रियों को रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से लेकर एक विशेष विमान बृहस्पतिवार देर रात मुंबई पहुंचा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। केन्द्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने ‘एअर इंडिया एक्सप्रेस’ के विमान से आए लोगों का हवाई अड्डे पर स्वागत किया। विमान बृहस्पतिवार देर रात दो बजे हवाई अड्डे पर पहुंचा था। अधिकारी ने बताया कि मुंबई पहुंचा यह चौथा निकासी विमान था। बुडापेस्ट से एक और विमान के शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे यहां पहुंचने की उम्मीद है।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। इन सबके बीच व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा दावा किया है। व्लादिमीर पुतिन ने साफ तौर पर कहा है कि यूक्रेन विदेशी नागरिकों को ढाल बना रही है। पुतिन ने दावा किया कि यूक्रेन विदेशी नागरिकों को बंधक बनाकर उन्हें ढाल बना रहा है। इसके साथ ही अपने बयान में पुतिन ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन में 3000 से ज्यादा भारतीयों को बंधक बनाया था जिसे रूस की सेना ने रिहा कराया है। हालांकि भारत सरकार ने किसी भी बंधक संकट की खबरों का खंडन किया था। अपने बयान में पुतिन ने कहा कि चीनियों को भी यूक्रेन की ओर से बंधक बनाया गया था।
Mar 03, 2022 21:32
उत्तरी यूक्रेन के चेर्निहाइव शहर में रूसी सेना के हमले में नौ की मौतसंयुक्त राष्ट्र का शीर्ष मानवाधिकार निकाय एक आपात बैठक करने जा रहा है, जिसमें यूक्रेन के हालात और वहां जारी रूसी कार्रवाई के दौरान मानवाधिकारों के हनन के आरोपों की जांच के लिए एक पैनल गठित करने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। बैठक शुक्रवार को उस प्रस्ताव पर मतदान के साथ खत्म होगी, जिसके तहत यूक्रेन पर रूसी हमले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल गठित करने की मांग की गई है।

रूस के प्रमुख मीडिया संस्थानों में शामिल उदार रुख वाले रेडियो स्टेशन ‘एखो मॉस्किवी’ को यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई के संबंध में आलोचनात्मक खबरें प्रसारित करने के चलते बंद कर दिया गया है। रेडियो स्टेशन के प्रमुख ने यह जानकारी दी। रेडियो स्टेशन के प्रधान संपादक और देश के जाने-माने पत्रकार एलेक्से वेनेडिक्टोव ने टेलीग्राम पर लिखा, “उच्च पदस्थ लोगों ने उन्हें पहले ही संकेत दिया था कि इस तरह के कदम पर विचार किया जा रहा है।”
Mar 03, 2022 18:40
हमारा देश भारत को यूएनएससी में स्थायी सीट मिलने का प्रबल समर्थक है। भारत की आवाज़ दुनिया में सुनी जाती है: फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनिन

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर दुनिया की चिंता बढ़ी हुई है। भारत भी इससे चिंतित नजर आ रहा है क्योंकि शुरुआत में इस तरह की जानकारी थी कि यूक्रेन में 20,000 से ज्यादा भारतीय फंसे हुए हैं। हालांकि आज विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बड़ा बयान दिया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक पहली एडवाइजरी जारी होने के बाद अब तक कुल 18000 भारतीय नागरिक यूक्रेन छोड़ चुके हैं। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ऑपरेशन गंगा के तहत 30 उड़ानों ने अब तक यूक्रेन से 6400 भारतीयों को वापस लाया जा चुका है। इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि अगले 24 घंटे में 18 और उड़ानों को निर्धारित किया गया है।