यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत, PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग, छात्रों की सुरक्षा और निकासी पर हुई चर्चा

यूक्रेन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यूक्रेन में हजारों भारतीय छात्र फंसे हैं, जिन्हें निकालने की लगातार कोशिशें जारी हैं। पीएम मोदी इससे पहले भी यूक्रेन को लेकर चार बैठकें कर चुके हैं। बैठक में नागरिको की वापसी पर चर्चा हुई है। यूक्रेन के खिलाफ रूस द्वारा की जारी बड़ी सैन्य कार्रवाई के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी की ये पांचवी बैठक है। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, एनएसए अजित डोभाल, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला मौजूद रहे। इसके साथ ही कई अन्य अधिकारियों ने भी शिरकत की। ये बैठक दो घंटे चली है। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी ने भारतीय छात्रों की सुरक्षा और निकासी पर जोर दिया।

युद्ध प्रभावित यूक्रेन के खारकीव शहर में आज सुबह गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने ट्वीट किया, अत्यंत दुख के साथ हम पुष्टि करते हैं कि आज सुबह खारकीव में गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की जान चली गई। बता दें कि यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे नवीन शेखरप्पा कर्नाटक चलागेरी के रहने वाले थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के खार्किव में आज सुबह गोलीबारी में मारे गए एक भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा के पिता से बात करते हुए सहानुभूति जताते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है। पीएम नरेंद्र मोदी से पहले राज्य के सीएम बसवराज बोम्मई ने भी नवीन के परिजनों से बात की थी और घटना पर दुख जाहिर किया था। इसके साथ ही उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि वे विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं ताकि नवीन के शव को भारत लाया जा सके और परिजन अंतिम दे पाएं।

यूक्रेन दूतावास से बाहर लोगों ने मोमबत्ती जलाकर रूस यूक्रेन युद्ध में जान गवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत में यूक्रेन के राजदूत भी इस दौरान मौजूद रहे। भारत में यूक्रेन के राजदूत डॉ. इगोर पोलिखा ने कहा कि यूक्रेन के खार्किव में गोलाबारी में मारे गए भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा की मौत पर मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। पहले सैन्य स्थलों पर गोलाबारी बमबारी की जा रही थी लेकिन अब नागरिक क्षेत्रों में भी हो रही है। पोलिखा ने कहा कि रूस को यूक्रेन में घुसपैठ करते 6 दिन हो गए हैं। हमारी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक को रोकने में सफल रही है। दुर्भाग्य से इस युद्ध में रूस-यूक्रेन सैनिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में नागरिकों को भी जान गंवानी पड़ रही है।