लता मंगेशकर जी के निधन से स्वर के महायुग का अंत हो गया : शिवराज सिंह चौहान

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर रविवार सुबह शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी मधुर आवाज से कई पीढ़ियों को गीत-संगीत से जोड़ने वाली लता जी के निधन से स्वर के महायुग का अंत हो गया। चौहान ने ट्वीट किया, ‘‘स्वर कोकिला आदरणीय लता मंगेशकर जी नहीं रहीं। स्वर के महायुग का अंत हो गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लता दीदी आपके बिना यह देश सूना है, गीत-संगीत सूने हैं, हर घर सूना है, ह्रदय घट सूना है। आपकी कमी कभी कोई पूरी नहीं कर सकता। गीत-संगीत की देवी मानकर आपकी पूजा करते रहेंगे। लता दीदी के चरणों में प्रणाम।’’

चौहान ने कहा, ‘‘उनके निधन से अन्तर्मन दुख, पीड़ा एवं शोक से व्यथित है। देश ही नहीं, समूचे विश्व ने एक ऐसी स्वर साधिका को खो दिया, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज से जीवन में आनंद घोलने वाले असंख्य गीत दिए। लता दीदी का तपस्वी जीवन स्वर साधना का अप्रतिम अध्याय है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लता का जीवन हिंदी फिल्म जगत के साथ ही भारतीय संगीत की ऐसी अद्भुत यात्रा रहा, जिसने कई पीढ़ियों को मानवीय संवेदनाओं को जीवंत करते गीत-संगीत से जोड़ा। फिल्म जगत के उद्भव से अत्याधुनिक युग में प्रवेश करने तक दीदी सहयोगी से संरक्षक तक की भूमिका में रहीं। आपका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।’’

चौहान ने कहा, ‘‘गीत-संगीत के प्रति समर्पण से परिष्कृत आपका व्यक्तित्व शालीनता, सौम्यता एवं आत्मीयता की त्रिवेणी रहा, जो कला साधकों को अनंतकाल तक प्रेरित करता रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। अपनी सुमधुर अमर आवाज से लता दीदी सदैव हम सभी के बीच रहेंगी।’’ कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट किया, ‘‘स्वर कोकिला, सुर साम्राज्ञी, कई पुरस्कारों से सम्मानित मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर जी के निधन का समाचार बेहद पीड़ादायक है। आज उनके निधन से संगीत का एक युग समाप्त हो गया। उनका निधन कला क्षेत्र की ऐसी क्षति है जो कभी पूरी नहीं हो सकती।’’ कमलनाथ ने लिखा, ‘‘उन्होंने भारतीय संगीत को अपनी सुरीली आवाज से विश्व भर में पहचान दी।

उनके निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनके परिजन एवं करोड़ों प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘‘लता के निधन से एक युग की समाप्ति हो गई। मध्यप्रदेश में जन्मी भारत रत्न लता मंगेशकर जी के निधन की दुःखद खबर है। उनकी आवाज अमर है। ना उनके जैसा हुआ है और ना होगा।’’ भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष एवं सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर का निधन पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। संगीत जगत में उन्होंने अपनी एक विशेष पहचान बनाई। भारतीय संगीत में उनके अतुलनीय योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।’’ शर्मा ने कहा, ‘‘हमारे इंदौर शहर में जन्मी लता दीदी ने विश्व स्तर पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया।

वह एक सच्ची देशभक्त थीं। उनके देशभक्ति से ओत प्रोत गीतों ने सभी देशवासियों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। उनके साथ आज संगीत जगत का एक युग समाप्त हो गया।’’ मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ‘‘श्रद्धेय लता जी का निधन हम सभी के लिए गहन दुख और वेदना की घड़ी है। वह हमारे देश में एक ऐसा खालीपन छोड़ गई है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता, लेकिन उनकी सुरीली आवाज हमेशा दिलों में जीवित रहेगी।’’ लता मंगेशकर का रविवार सुबह मुंबई स्थित एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं।