टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा का मंथन, 45 से ज्यादा विधायकों का कट सकता है पत्ता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनावों का बिगुल बज गया है। इसी के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी कमर कर ली है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की। माना जा रहा है कि भाजपा बड़ी संख्या में विधायकों के टिकट काटने की तैयारी में है। इसीलिए 45 से ज्यादा विधायकों के टिकट कट सकते हैं।

इस बैठक में उत्तर प्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं को चुनाव लड़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा के अलावा राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष समेत इत्यादि पदाधिकारी शामिल हुए।

विधायकों को मनाएंगे केशव प्रसाद मौर्य
केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अमित शाह ने केशव प्रसाद मौर्य को स्वामी प्रसाद मौर्या समेत सभी अन्य विधायकों को मनाने की जिम्‍मेदारी दी है। हालांकि दूसरी तरफ पार्टी के एक नेता ने बताया कि ऐसे ही विधायक इस्तीफा दे रहे हैं, जिन्हें डर है कि भाजपा उन्हें टिकट नहीं देगी।
इस बार विधानसभा चुनाव से पहले ही भाजपा को झटका लग चुका है। योगी आदित्यनाथ सरकार में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और फिर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। इतना ही नहीं उनके साथ 3 और विधायकों ने भी भाजपा को अलविदा कह दिया।