पीएम मोदी का हमला- पहले की सरकारों में माफिया वाद की छांव में सारे उद्योग-धंधे चौपट हो गए

कानपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर दौरे पर हैं। यह पीएम मोदी का 22 दिन में 7वां यूपी दौरा है। पीएम मोदी चकेरी एयरपोर्ट से आईआईटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचे। यहां उन्होंने छात्र-छात्राओं को मेडल दिए। समारोह के दौरान उन्होंने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सफलता के मंत्र दिए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर मेट्रो का शुभारंभ किया। उन्होंने सीएम योगी और हरदीप पुरी के साथ आईआईटी से गीता नगर स्टेशन तक मेट्रो से यात्रा की। गीता नगर स्टेशन से उतर कर यहां से प्रधानमंत्री रैली स्थल निराला नगर सड़क मार्ग से रवाना हुए। पीएम मोदी रेलवे मैदान में कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया और रैली को संबोधित किया।

जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, यूपी में भ्रष्टाचार का इत्र जो उन लोगों ने छिड़क रखा था। वह सब अब बाहर आ गया है। इसी वजह से अब ये लोग मुंह पर ताला लगाकर बैठे हैं। कोई क्रेडिट लेने तक नहीं आ रहा है। नोटों का जो पहाड़ जो पूरे देश ने देखा वही उनकी उपलब्धि है और यही उनकी सच्चाई है। यूपी के लोग सब देख रहे हैं, इसलिए अब जनता विकास के साथ है। विकास करने वालों के साथ है।

आज उत्तर प्रदेश में जो डबल इंजन की सरकार चल रही है, वह बीते कालखंड में समय का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई में जुटी है। हम डबल स्पीड में काम कर रहे हैं। साल 2014 से पहले, यूपी में जितनी मेट्रो चलती थी, उसकी कुल लंबाई थी 9 किलोमीटर। साल 2014 से लेकर 2017 के बीच मेट्रो की लंबाई बढ़कर हुई कुल 18 किलोमीटर। आज कानपुर को मिला दें तो यूपी में मेट्रो की लंबाई 90 किलोमीटर से ज्यादा हो चुकी है। डबल इंजन की सरकार जिस काम का शिलान्यास करती है उसे पूरा करके दम लेती है। कानपुर मेट्रो का शिलान्यास किया,अब हमारी सरकार इसका लोकार्पण भी कर रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया और हमारी ही सरकार ने इसका काम पूरा किया।

यूपी में पहले सरकार चलाने वालों ने समय की अहमियत नहीं समझी। उनकी प्राथमिकता यूपी के विकास के लिए नहीं न लोगों के लिए थी। आज यूपी में डबल इंजन की सरकार बीते समय के पिछड़ेपन को दूर कर रही है। इसलिए यहां की जनता अब कह रही है फर्क साफ दिख रहा है, ये फर्क काम करने का तरीका है। पूरब हो या पश्चिम, हर जगह समय पर काम हो रहा है। जब काम समय पर होता है तो पैसे की बर्बादी रुकती है। कानपुर में 9 किलोमीटर की मेट्रो की शुरुआत दो साल के भीतर होना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। कोरोना की चुनौतियों के बीच हमारी सरकार कानपुर को समय से पहले मेट्रो का सफर कराने जा रही है। पहले की सरकारों ने कानपुर की आकांक्षाओं को पूरा नहीं होने दिया क्योंकि उनकी नीयत ठीक नहीं थी।

यूपी में पहले जो सरकारें रहीं, उन्होंने माफिया वेद का पेड़ इतना फैलाया कि उसकी छांव में सारे उद्योग-धंधे चौपट हो गए। अब योगी जी की सरकार, कानून व्यवस्था का राज वापस लाई है। इसलिए यूपी में अब निवेश भी बढ़ रहा है और अपराधी अपनी जमानत खुद रद करवा कर जेल जा रहे हैं।

-ये कानपुर ही जहां ऐसा कोई नहीं जिसे दुलार न मिला होः मोदी
कानपुर को सौगात देने के बाद प्रधानमंत्री का संबोधन शुरू किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की धरती कानपुर को नमन करते हुए कानपुर को ऊर्जावान नेतृत्व देने वाले पं. दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया। इसके बाद उन्होंने कनपुरिया अंदाज में कानपुर वालों की प्रशंसा करते हुए कहा, ये कानपुर ही जहां ऐसा कोई नहीं जिसे दुलार न मिला हो। उन्होंने कानपुर के प्रसिद्ध जुमले झाड़े रहो कलक्टरगंज का भी जिक्र किया।

-सीएम योगी ने कहा कि स्वार्थ की राजनीति ने कानपुर के औद्योगिक विरासत को छीन लिया। दीवारों से निकलने वाले नोट गवाह है कि प्रदेश का पैसा कहां जा रहा था। मेट्रो की शुरुआत के साथ ही अब सुगम यातायात और स्वच्छ वातावरण मिलेगा।

-कानपुर यूपी का पांचवां मेट्रो शहर
मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री मोदी को कानपुर की बहुप्रतीक्षित मेट्रो रेल परियोजना के शुभारंभ के मौके पर मेट्रो का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। कानपुर में मेट्रो के शुभारंभ के साथ ही यह शहर यूपी में पांचवां मेट्रो शहर बन गया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ में मेट्रो ट्रेन पहले से चल रही है। इस अवसर पर मंच पर मौजूद रहे केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, कानपुर के प्रभारी एवं डिप्टी सीएम केशव मौर्य, कैबिनेट मंत्री सतीश महाना।

आईआईटी मेट्रो के पहले यात्री बने पीएम मोदी के साथ योगी और हरदीप पुरी।
सभी आईआईटी मेट्रो स्टेशन से गीता नगर मेट्रो स्टेशन तक जाएंगे।
इससे पहले मोदी ने सीएम के साथ मेट्रो प्रदर्शनी और उसकी खूबियां जानीं।

-जो लोग चुनौती से भागते हैं वो उनका शिकार बन जाते हैंः मोदी
आज से शुरू हुई यात्रा में आपको सहूलियत के लिए शॉर्टकट भी बहुत लोग बताएंगे, लेकिन मेरी सलाह यही होगी कि आप कंफर्ट मत चुनना, चुनौती जरूर चुनना। क्योंकि, आप चाहें या न चाहें, जीवन में चुनौतियां आनी ही हैं। जो लोग उनसे भागते हैं वो उनका शिकार बन जाते हैं।

-भारत दुनिया का दूसरा स्टार्ट हब बना, तीसरा सबसे बड़ा यूनीकॉर्न देश हैः मोदी
कौन भारतीय नहीं चाहेगा कि भारत की कंपनियां ग्लोबल बनें, भारत के उत्पाद ग्लोबल बनें।जो आईआईटी को जानता है, यहां के टैलेंट को जानता है, यहां के प्रोफेसर्स की मेहनत को जानता है, वो ये विश्वास करता है ये आईआईटी के नौजवान जरूर करेंगे। आज भारत दुनिया का दूसरा स्टार्ट हब बनकर हब बनकर उभरा। तीसरा सबसे बड़ा यूनीकॉर्न देश बन गया है।

मेरी बातों में आपको अधीरता नजर आ रही होगी लेकिन मैं चाहता हूं कि आप भी इसी तरह आत्मनिर्भर भारत के लिए अधीर बनें। यदि हम आत्मनिर्भर नहीं होंगे, तो हमारा देश अपने लक्ष्य कैसे पूरे करेगा, अपनी Destiny तक कैसे पहुंचेगा।
जब देश की आजादी को 25 साल हुए, तब तक हमें भी अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए बहुत कुछ कर लेना चाहिए था।

आईआईटी के 54वें दीक्षांत समारोह में युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये दौर, ये 21वीं सदी, पूरी तरह प्रौद्योगिकी संचालित है। इस दशक में भी तकनीकी अलग-अलग क्षेत्रों में अपना दबदबा और बढ़ाने वाली है। अब बिना तकनीक के जीवन अब एक तरह से अधूरा ही होगा। ये जीवन और तकनीक की स्पर्धा का युग है और मुझे विश्वास है कि इसमें आप जरूर आगे निकलेंगे।

जब आपने आईआईटी कानपुर में प्रवेश लिया था और अब जब आप यहां से निकल रहे हैं, तब और अब में आप अपने में बहुत बड़ा परिवर्तन महसूस कर रहे होंगे। कानपुर के इतिहास पर नजर डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्ती चौरा घाट से लेकर मदारी पासी तक, नाना साहब से लेकर बटुकेश्वर दत्त तक। जब हम इस शहर की सैर करते हैं तो ऐसा लगता है जैसे हम स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों के गौरव की, उस गौरवशाली अतीत की सैर कर रहे हैं।

1930 के उस दौर में जो 20-25 साल के नौजवान थे, 1947 तक उनकी यात्रा और 1947 में आजादी की सिद्धि, उनके जीवन का गोल्डन फेस थी। आज आप भी एक तरह से उस जैसे ही गोल्डन एरा में कदम रख रहे हैं। जैसे ये राष्ट्र के जीवन का अमृतकाल है, वैसे ही ये आपके जीवन का भी अमृतकाल है।

-पीएम ने कहा कि कानपुर भारत के उन कुछ चुनिंदा शहरों में से है, जो इतना diverse है। सत्ती चौरा घाट से लेकर मदारी पासी तक, नाना साहब से लेकर बटुकेश्वर दत्त तक, जब हम इस शहर की सैर करते हैं तो ऐसा लगता है जैसे हम स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों के गौरव की, उस गौरवशाली अतीत की सैर कर रहे हैं:

-पीएम ने कहा कि आपने जब IIT कानपुर में प्रवेश लिया था और अब जब आप यहां से निकल रहे हैं, तब और अब में, आप अपने में बहुत बड़ा परिवर्तन महसूस कर रहे होंगे। यहां आने से पहले एक Fear of Unknown होगा, एक Query of Unknown होगी।

-पीएम मोदी ने आईआईटी कानपुर के छात्रों से कहा कि अब Fear of Unknown नहीं है, अब पूरी दुनिया को Explore करने का हौसला है। अब Query of Unknown नहीं है, अब Quest for the best है, पूरी दुनिया पर छा जाने का सपना है।

-पीएम मोदी में अपने में युवा साथियों को शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने कहा कि कानपुर के लिए दोहरी खुशी का दिन।

-आईआईटी के 54वें दीक्षांत समारोह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित करते हुए कहा कि गुणवत्ता परख तकनीकी शिक्षा प्रदान करने में हमारे तकनीकी संस्थाओं का अहम योगदान है। इस सदी की सबसे बड़ी महामारी में इन संस्थाओं ने बड़ी भूमिका अदा की है।

-इसी की बदौलत यूपी काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू, आईआईएम लखनऊ ने प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काफी सराहनीय काम किए हैं। डिफेंस कॉरीडोर हो या सूचना प्रौद्योगिकी, गैर सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इन संस्थाओं ने प्रदेश आगे बढ़ाया है।