जज उत्तम आनंद मौत मामला, धनबाद और आसपास के जिलों में एक्‍सीडेंट के मुकदमों का ब्‍योरा जुटा रही सीबीआई

धनबाद । धनबाद के जज उत्तम आनंद की मौत के मामले में सीबीआई किसी भी एंगल को नहीं छोड़ना चाहती। अब तक टक्कर के पीछे किसी मास्टरमाइंड को बेनकाब करने में विफल रही सीबीआई ने अनुसंधान को नया मोड़ दिया है। सीबीआई की टीम ने धनबाद और आसपास के जिलों में वाहनों की टक्कर से हुई मौत या गंभीर रूप से घायल से जुड़े मुकदमों का ब्योरा जुटाया है। गैर-इरादतन हत्या के सभी मामलों के आरोपी सीबीआई की रडार पर हैं।

बता दें कि 28 जुलाई की सुबह जज उत्तम आनंद मॉनिंग वॉक के दौरान ऑटो चालक लखन वर्मा और राहुल वर्मा ने जज को ऑटो से टक्कर मार दी थी। हाईकोर्ट और झारखंड सरकार की अनुशंसा पर मामले में सीबीआई जांच कर रही है। सीबीआई ने धनबाद समेते अन्य न्यायालयों से आईपीसी की धारा 304 ए (गैर-इरादतन हत्या) के तहत दर्ज प्राथमिकियों की जानकारी जुटाई है। बारी-बारी से सभी मामलों के आरोपियों को सिंफर गेस्ट हाउस में बने सीबीआई के कैंप ऑफिस में बुलाकर पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो के अधिकारी हर मामले में आरोपियों की मंशा (मोटिव) के संबंध में अपने तरीके से सवाल पूछ रहे हैं। सीबीआई की तफ्तीश से 304 ए के आरोपियों में हड़कंप है। कई आरोपियों को तो समझ में नहीं आ रहा है कि उनका जज की मौत मामले में क्या वास्ता।

ऑटो चालक लखन वर्मा के सहयोगी राहुल वर्मा के खिलाफ सीबीआई ने जांच का फोकस बढ़ा दिया है। राहुल ने अबतक सीबीआई के सामने कई नई कहानियां सुनाई हैं। राहुल आधुनिक जांच को भी चकमा दे रहा है। बार-बार बयान बदलने के कारण सीबीआई उससे जुड़े हर व्यक्ति का स्कैन कर रही है। राहुल वर्मा कई चोरी के मोबाइल इस्तेमाल करता था। उन सभी मोबाइलों के सीडीआर को सीबीआई कई मर्तबा खंगाल चुकी है।

इस सप्ताह दोनों गांधीनगर से आएंगे वापस
फिलहाल न्यायालय के आदेश पर ऑटो चालक लखन वर्मा और राहुल वर्मा को वैज्ञानिक जांच के लिए गुजरात के गांधीनगर स्थित डायरेक्टोरेट ऑफ फोरेसिंक साइंस लैब ले जाया गया है। दोनों की सभी तरह की जांच पूरी हो चुकी है। सिर्फ नार्को एनालिसिस बाकी है। नार्को की प्रक्रिया भी शुक्रवार से शुरू हो चुकी है। शनिवार और रविवार रहने के कारण दो दिन एफएसएल बंद रहा। सोमवार से फिर नार्को एनालिसिस में तेजी आएगी। इस सप्ताह दोनों को वापस धनबाद लाया जाएगा।