छह महीने के भीतर मिश्रित ईधन इंजन वाले वाहन लाएं निर्माता : गडकरी

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वाहन निर्माताओं से छह माह के भीतर पेट्रोल, एथेनॉल मिश्रित ईधन (फ्लेक्स) इंजन वाले वाहनों को लाने का अनुरोध किया है। इससे सीधे तौर पर वाहनों के होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी और किसानों को लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग पेट्रोल-एथेनॉल आदि से चलने वाले इंजन के वाहन बनाते हैं तो इससे कच्चे तेल का आयात कम होगा। इससे देश का पैसा बचेगा, साथ ही देश के किसानों को भी एथेनॉल जैसे ईंधन के कारण सीधा फायदा होगा।
उन्होंने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि ईंधन के रूप में पेट्रोलियम के आयात का विकल्प तैयार करने और अपने किसानों को सीधा लाभ देने के लिए हमने अब देश में ऑटोमोबाइल निर्माताओं को फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल्स और फ्लेक्स फ्यूल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का निर्माण शुरू करने की सलाह दी है। ईंधन वाहन के मामले में मजबूत हाइब्रिड इलेक्ट्रिक तकनीक के साथ-साथ सौ फीसदी पेट्रोल या सौ फीसदी एथेनॉल और उनके मिश्रणों के संयोजन पर चलने में सक्षम हैं।
उन्होंने कहा कि वाहन निर्माता कंपनियों के इस कदम से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भारी कमी आएगी और 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को एक अरब टन तक कम करने के लिए कॉप-26 में की गयी अपनी प्रतिबद्धता का पालन करने में भारत को मदद मिलेगी।