राहुल से मिलकर बोले हरीश रावत- मैं ही रहूंगा चुनाव प्रचार का लीडर

नई दिल्ली। पंजाब के बाद उत्तराखंड कांग्रेस पार्टी में नेताओं के बीच शुरू हुई नाराजगी अब शांत होती नजर आ रही है। माना जा रहा है हरीश रावत के ट्वीट के बाद पार्टी पर इसका सीधा असर हुआ है। सियासी गलियारों में रावत के ट्वीट को पार्टी पर एक तरह का दबाव बनाने की भी बात कही जा रही है। इसकी नतीजा रहा कि गुरुवार शाम को ही कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को उत्तराखंड से दिल्ली बुला लिया गया था। शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी नेताओं से बातचीत की। इस दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस में आंतरिक कलह पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश कांग्रेस के सभी नेताओं को विधानसभा का आगामी चुनाव पूरी एकता के साथ लड़ने और एकजुट होकर पार्टी को जिताने का सख्त नर्दिेश दिया है।

दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के सूत्रों ने कहा कि उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयान के बाद विवाद चल रहा था जिसे देखते हुए वहां के कांग्रेस नेताओं को राहुल गांधी ने शुक्रवार को दिल्ली तलब किया था। राहुल गांधी के आवास 12 तुलगक लेन पर उनसे मिलने आये उत्तराखंड के सभी नेताओं से उन्होंने अलग अलग बातचीत की और कहा कि उत्तराखंड में पार्टी को जिताना है और इसके लिए सबको एकजुट होकर काम करना है। उन्होंने उत्तराखंड के कांग्रेस नेताओं से कहा कि चुनाव से पहले किसी भी तरह का अंतर्कलह स्वीकार्य नहीं होगा इसलिए सभी नेता मिलकर पार्टी को जिताने के लिए चुनाव मैदान में उतरें।

मुख्यमंत्री कौन होगा इस बारे में बाद में निर्णय लिया जाएगा। पार्टी पहले ही हरीश रावत को प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त कर चुकी है लेकिन उनके समर्थक प्रदेश के बड़े नेता मांग कर रहे हैं कि रावत को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया जाना चाहिए। इस बीच प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष उत्तराखंड कांग्रेस के जिन नेताओं ने राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की है, उनमें पार्टी के प्रदेश प्रभारी महासचिव देवेंद्र यादव के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, सीएलपी नेता प्रीतम सिह, यशपाल आर्य सहित कई अन्य प्रमुख नेता शामिल थे।

बैठक के बाद कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि वह उत्तराखंड कांग्रेस में चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख के तौर पर काम करेंगे। हरीश रावत ने इसी सप्ताह कहा था कि उन्हें पार्टी नेताओं का सहयोग नहीं मिल रहा है। उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में किसी तरह का विवाद नहीं है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात के बाद अब बिल्कुल साफ हो गया है कि उत्तराखंड कांग्रेस एकजुट है और राज्य में इस बार कांग्रेस बहुमत आएगी और उसकी ही सरकार बनेगी। उन्हांने कहा कि राहुल गांधी से प्रदेश के नेताओं की शुक्रवार की मुलाकात उत्तराखंड में कांग्रेस को एकजुट होकर जीत दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी हरीश रावत के नेतृत्व में ही काम करेगी और विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रतीमसिंह ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में किसी तरह का विवाद नहीं है। पार्टी नेतृत्व से जो नर्दिेश मिले हैं उनका पालन किया जाएगा। पार्टी नेताओं की दल्लिी में जब राहुल से मुलाकात हो रही थी तो उस समय उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पार्टी के कुछ असंतुष्ठ कार्यकर्ता आपस में भिड़ गये और उन्होंने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में तोड़फोड की।