फ्रांस भारत को अतिरिक्त राफेल देने को तैयार

नई दिल्ली। फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश भारत को आवाश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राफेल युद्धक विमान देने को तैयार है। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि एक ही तरह का विमान रणनीतिक साझेदारों द्वारा उपयोग करना उनके संबंधों की वास्तविक परिसंपत्ति और मजबूती को दिखाता है।
पार्ली ने कहा कि फ्रांस मेक इन इंडिया पहल का समर्थन करने और भारतीय निर्माताओं को अपनी वैिक आपूर्ति श्रृंखला में और एकीकृत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। फ्रांस की रक्षा मंत्री ने भारत-फ्रांस सहयोग पर एक सत्र में यह टिप्पणी की। फ्रांसीसी दूतावास ने बृहस्पतिवार को जानकारी दी थी कि कोविड-19 महामारी के बावजूद भारत को निर्धारित समय पर 33 राफेल लड़ाकू विमानों की आपूर्ति की जा चुकी है। भारत ने सितम्बर 2016 में फ्रांस के साथ करीब 59 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए अंतर सरकारी स्तर पर समझौता किया था। पार्ली ने एक सवाल के जवाब में कहा, मैं खुश हूं कि भारतीय वायुसेना राफेल विमानों से संतुष्ट है और हमें गर्व है कि कोविड-19 महामारी के बावजूद हमने करार के तहत समय पर 36 विमानों की आपूर्ति की..यह उपलब्धि है।
उन्होंने कहा, एक ही तरह के विमान का उपयोग करना वास्तविक परिसंपत्ति और ताकत है। मैं नि¨श्चत हूं कि नई संभावनाओं की गुंजाइश है। यदि भारत की ओर से अतिरिक्त आवश्यकता व्यक्त की गई तो हम उसका जवाब देने को तैयार हैं। फ्रांसीसी रक्षा मंत्री ने भारतीय नौसेना के बेड़े में दूसरे विमानवाहक पोत के शामिल करने की योजना को रेखांकित करते हुए संकेत दिया कि फ्रांस की पोत आधारित लड़ाकू जेट की आपूर्ति करने में रुचि है। उन्होंने कहा, हम जानते है कि विमानवाहक पोत जल्द सेवा में होगा..उसके लिए विमानों की जरूरत होगी। अगर भारत फैसला करता है तो हम कोई और राफेल (संस्करण) देने को तैयार हैं। गौरतलब है कि भारत के स्वदेश में निर्मित पहले विमान वाहक पोत विक्रांत को अगले साल अगस्त में भारतीय नौसना में शामिल करने की योजना है। फ्रांसीसी कंपनी दसाल्ट एविएशन द्वारा निर्मित राफेल विमानों की पहली खेप की आपूर्ति भारत को पिछले साल 29 जुलाई को की गई थी। माना जा रहा है कि फ्रांस भारत के साथ 36 और राफेल विमानों की खरीदारी के लिए वार्ता की इच्छा जता रहा है।
भारत और फ्रांस नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के पक्षधर : पार्ली
नई दिल्ली (भाषा)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनकी फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली ने शुक्रवार को व्यापक वार्ता की। इस बातचीत में द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। पार्ली दो दिन की यात्रा पर बृहस्पतिवार शाम दिल्ली पहुंची।
भारत-फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख स्तंभ रक्षा और सुरक्षा, असैन्य परमाणु सहयोग तथा व्यापार और निवेश के क्षेत्र हैं। इसके अलावा, भारत और फ्रांस सहयोग के नए क्षेत्रों को लेकर भी संवाद बढ़ा रहे हैं, जिनमें ¨हद महासागर क्षेत्र, जलवायु परिवर्तन और टिकाऊ प्रगति व विकास शामिल हैं। दोनों देश आतंकवाद और चरमपंथ से निपटने के तरीकों के साथ-साथ कई क्षेत्रीय और वैिक मुद्दों पर समान विचार रखते हैं। वार्ता से पहले सिंह के दफ्तर की ओर से ट्वीट किया गया, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां आई फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की विज्ञान भवन में अगवानी की। तीसरी भारत-फ्रांस वाषिर्क रक्षा वार्ता थोड़ी देर में शुरू होगी। सिंह के साथ बैठक से पहले, पार्ली ने एक ¨थक-टैंक में कहा कि वह यह बताने के लिए भारत आई हैं कि फ्रांस और भारत के बीच दोस्ती कितनी ’अहम’ है। उन्होंने भारत को जीवंत रंगों, प्रभावशाली परिदृश्यों और समृद्ध इतिहास की एक अनूठी भूमि के तौर पर उल्लेखित किया। उन्होंने कहा कि इस देश जैसा कोई और नहीं है। पार्ली ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों बहुपक्षवाद और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि जब दुनिया और क्षेत्र ने उथल-पुथल का सामना किया तब ‘मजबूत सिंद्धातों’ का संदर्भ देना अच्छा है।