सपा-बसपा ने जाति के नाम पर समाज को बांटा : शाह

लखनऊ । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में विपक्षी दल समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर दलित, पिछड़े और अन्य समुदायों के बीच जाति के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि इन दलों ने समाज में वैमनुष्यता पैदा कर अपने पारिवारिक हितों की पूर्ति की।
शाह ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निषाद पार्टी की लखनऊ में आयोजित संयुक्त रैली को संबोधित करते हुये कहा कि इससे पहले प्रदेश में जो भी सरकारें रही, सपा या बसपा, उन्होंने सिर्फ अपने काम किये। कभी निषाद समाज का काम नहीं किया, गरीबों का कोई काम नहीं किया। यहां स्थित रमाबाई अंबेडकर मैदान में आयोजित ‘सरकार बनाओ अधिकार पाओ’ रैली में शाह के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश में चुनाव के लिये भाजपा के प्रभारी और केन्द्रीय मंत्री धम्रेंद्र प्रधान, निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं दिनेश शर्मा ने भी शिरकत की। शाह ने भारत की सामाजिक समरसता में निषाद समाज के पौराणिक महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरित मानस में भगवान तुलसीदास जी ने कहा था कि जब प्रभु श्रीराम और माता सीता को भूमि पर सोते देखा तो निषाद राज जी की आंखों से आंसुओं की धारा बहने लगी थी। उन्होंने कहा कि सपा बसपा और कांग्रेस जैसे दलों ने निषादों के सम्मान को कोई महत्व ही नहीं दिया।

अखिलेश और बहन जी ने अपनों में बांट दी थीं उप्र की चीनी मिलें : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सपा और बसपा की सरकारों के शासन में भ्रष्टाचार एवं परिवारवाद का बोलबाला रहने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि इन दलों के नेताओं ने राज्य की चीनी मिलों को अपने चहेतों को बेच दिया था। शाह ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक की 23 नई शाखाओं और राज्य भंडार निगम के 29 गोदामों के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुये सहकारिता के क्षेत्र में भारी पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने में केन्द्र और राज्य सरकार की सक्रिय भागीदारी को सराहनीय पहल बताया। उन्होंने यहां स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि पूर्व की सरकारों के शासन में आलम यह था कि राज्य की तमाम सहकारी चीनी मिलों को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने अपने चहेतों को बेच दिया था। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंी योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। शाह ने कहा कि राज्य की मौजूदा योगी सरकार ने सहकारिता के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम करते हुये न सिर्फ बंद पड़ी चीनी मिलों को शुरू किया बल्कि गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान भी किया।