डीयू में अब दाखिले एंट्रेस टेस्ट से

नई दिल्ली। दिल्ली विविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने अगले साल 2022 से दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। कार्यकारी परिषद (ईसी) विविद्यालय से संबंधित निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है, कुछ सदस्यों द्वारा असहमति जताए जाने के बावजूद कार्यकारी परिषद ने प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। गौरतलब है कि अकादमिक परिषद की बैठक 10 दिसम्बर को हुई थी और इसने इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी थी।
डीयू के कुलपति योगेश सिंह द्वारा गठित नौ सदस्यीय समिति ने सिफारिश की थी कि दाखिले की प्रक्रिया में पर्याप्त निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विविद्यालय को सामान्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश परीक्षा आयोजित करनी चाहिए। केरल बोर्ड के छात्रों को शत-प्रतिशत अंक मिलने के कारण बड़ी संख्या में विविद्यालय में दाखिले की तादाद बढ़ गई है।
डीन (परीक्षा) डीएस रावत की अध्यक्षता में गठित समिति को स्नातक पाठ्यक्रमों में अधिक और कम प्रवेश के कारणों की जांच करनी थी, सभी स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के बोर्ड-वार वितरण का अध्ययन करना था, स्नातक पाठ्यक्रमों में इष्टतम प्रवेश के लिए वैकल्पिक रणनीतियों का सुझाव देना था और गैर-क्रीमी लेयर की स्थिति के संदर्भ में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों के प्रवेश की जांच करनी थी। समिति ने सुझाव दिया है कि तमाम प्रकार की चुनौतियों के मद्देनजर एक सामान्य प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा सकती है।
डीयू में अहम पदों पर नए अधिकारी नियुक्त : दिल्ली विविद्यालय (डीयू) के कुलपति योगेश सिंह ने कई वरिष्ठ पदाधिकारियों को उनके पदों से मुक्त किए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की। प्रोफेसर बलराम पाणि डीन (कॉलेज) बने रहेंगे, जबकि प्रकाश सिंह को साउथ कैंपस का निदेशक नियुक्त किया गया है। प्रोफेसर रजनी अब्बी विविद्यालय की प्रॉक्टर होंगी, जबकि पायल मागो को मुक्त विद्यालयी शिक्षा (एसओएल) के निदेशक के रूप में चुना गया है। प्रोफेसर पंकज अरोड़ा को डीन, छात्र कल्याण नियुक्त किया गया है।