लार्डस का हिसाब बराबर करने उतरेगी भारतीय टीम

नई दिल्ली। टेस्ट र्वल्ड चैम्पियनशिप के खिताबी मुकाबले में लार्डस में मिली शिकस्त भारतीय खिलाड़ियों व दर्शकों के जेहन से अभी तक उतरी नहीं है। भारतीय टीम को उपविजेता रहने भर का संतोष करना पड़ा था। तय है कि बायलेटरल सिरीज के इस पहले मुकाबले में भारतीय टीम न्यूजीलैंड से ग्रीनपार्क में उसी हार का हिसाब बराबर करने के लिए उतरेगी। यहां भारतीय टीम के प्रदर्शन का आंकड़ा भी उम्दा रहा है। हालांकि टीम में विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे स्टार खिलाड़ी नहीं होंगे। लेकिन अनुभवी राहुल द्रविड़ का बतौर कोच होना, निश्चित तौर पर भारतीय खिलाड़ियों के लिए लाभप्रद होगा। टीम निश्चित तौर पर इस मैच में जीत के साथ पुरानी हार का बदला चुकाना चाहेगी।
अगर ग्रीनपार्क की बात की जाए तो भारतीय टीम का प्रदर्शन यहां अच्छा रहा है। टेस्ट के लिहाज से देश के सबसे पुराने सेंटरों में शुमार ग्रीनपार्क भारतीय खिलाड़ियों की पसंद रहा है। भारत ने 500वां टेस्ट भी इसी मैदान पर न्यूजीलैंड के विरुद्ध ही खेला था। जिसमें जीत हासिल हुई थी। मौजूदा टीम की बात की जाए तो बल्लेबाजी के मजबूत स्तंभ, कप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा के साथ ही युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत टीम का हिस्सा नहीं हैं, जबकि हार्दिक पंड्या टीम में जगह नहीं बना पाए हैं। इधर, ओपनर बल्लेबाज के.एल राहुल भी मांसपेशिंयों में खिंचाव की वजह से सिरीज से ही बाहर हो गए हैं। निश्चित तौर पर इन सभी खिलाड़ियों को कमी टीम को खलेगी। लेकिन इन स्थितियों में कप्तान अजिंक्य रहाणो के साथ ही चेतेर पुजारा पर बड़ा दारोमादार होगा। मयंक अग्रवाल व शुभमन गिल के पास भी खुद दो टेस्ट के लिहाज से साबित करने का अवसर होगा। केएल राहुल के बाहर रहने पर कप्तान रहाणो पहले ही कह चुके हैं कि श्रेयस अय्यर टीम का हिस्सा होंगे, वह टेस्ट मैच में पदार्पाण करेंगे। हालांकि वह भले ही ओपनिंग ना करें लेकिन, श्रेयस की मौजूदगी टीम का बल्लेबाजी क्रम मजबूत करेगी। इस टेस्ट में वह विराट की कमी जरूर पूरा करना चाहेंगे। भारतीय टीम की एक ताकत, स्पिन बॉलिंग अटैक भी है।
अिन व जडेजा की जोड़ी यहां पिछला प्रदर्शन जरूर दोहराना चाहेंगे, यह मैच न्यूजीलैंड के विरुद्ध ही था। अक्षर के रूप में यह पूरी स्पिन तिकड़ी हो जाएगी। वैसे भी ग्रीनपार्क की पिच भारतीय स्पिनरों की पसंदीदा रही है। तय है कि अगर तीनों स्पिनर अंतिम एकादश में जगह बनाने में सफल रहे तो, तो यह तिकड़ी मेहमान बल्लेबाजों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। मेहमान कीवी टीम भले ही टी-20 सिरीज हार के आई है। लेकिन टेस्ट र्वल्ड चैम्पियनशिप के खिताबी मुकाबले में भारत के विरुद्ध लॉर्डस में मिली जीत का सिलसिला मेहमान टीम बनाए रखना चाहेगी। न्यूजीलैंड के भले ही कुछ बल्लेबाज स्पिन आक्रमण का सामना बेहतर ढंग से न कर पाएं, लेकिन भारतीय स्पिनरों को जवाब देने में कुछ बल्लेबाज भरपूर ढंग से सक्षम हैं। इनमें कप्तान केन विलियम्सन स्वयं तकनीकि रूप से दक्ष हैं। रॉस टेलर भी स्पिन अटैक के सामने खुद को कई बार साबित कर चुके हैं।