जलवायु कार्रवाई के लिए कानूनी जवाबदेही की जरूरत : दीया

मुंबई। अभिनेत्री दीया मिर्जा पर्यावरण-संवेदनशीलता के प्रति प्रयासों का समर्थन करती हैं। इसके साथ ही, दीया संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सद्भावना राजदूत और सतत विकास लक्ष्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव अधिवक्ता के रूप में पारिस्थितिकी तंत्र की बेहतरी की दिशा में भी काम करती हैं। दीया ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव (डीएसजी) और संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समूह के अध्यक्ष अमीना जे मोहम्मद के साथ खुलकर बातचीत की। दोनों ने ठोस समाधान के साथ जलवायु संकट को संबोधित करने के लिए कुछ बेहतरीन तर्क दिए। बातचीत का फोकस यह भी था कि कैसे उच्च प्रभाव वाली जलवायु घटनाएं वंचित देशों की महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। बातचीत के लिए मंच तैयार करते हुए, अमीना ने शुरूआत में ही साझा किया कि कैसे वह नाइजीरिया में आशा, संभावना और प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य के साथ पली-बढ़ी है। दीया ने अपने विचारों का यह कहते हुए प्रतिध्वनित किया कि यह ग्रह हमारी जरूरतों को पूरा कर सकता है लेकिन अंतहीन लालच इसको बर्बाद कर देगा। अभिनेत्री ने कहा कि आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका पर्यावरण के साथ काम करना है। वास्तव में टिकाऊ अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण करने का तरीका प्रकृति के साथ है। भारत एक पुरानी सभ्यता है जिसने हमेशा प्रकृति का सम्मान किया है और हमें अपनी जड़ों में वापस जाने और मूल बातें सीखने की जरूरत है। पर्यावरण के अनुरूप रहने की जरूरत है। (आईएएनएस)