भारत यथाशीघ्र एक लाख करोड़ डॉलर के जलवायु वित्त की उम्मीद कर रहा:केंद्रीय पर्यावरण मंत्री

ग्लासगो| भारत ने बुधवार को जलवायु वित्त और कम कीमत वाली प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि वह नयी प्रतिबद्धताओं के मद्देनजर यथाशीघ्र एक लाख करोड़ डॉलर के जलवायु वित्त की उम्मीद कर रहा है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने यहां सीओपी-26 अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन से अलग स्कॉटलैंड की वित्त मंत्री केट फोर्ब्स से मुलाकात के बाद यह कहा।

मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘स्कॉटलैंड की वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री केट फोर्ब्स से मुलाकात शानदार रही। कार्यक्रम का आयोजन इतने पेशेवर तरीके से करने और स्कॉटलैंड के लोगों के आतिथ्य सत्कार को लेकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से स्कॉटिश प्रशासन का शुक्रिया अदा करता हूं।’’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी नये कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं और भारत एक नयी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने का संकल्प ले रहा है। जलवायु वित्त और कम कीमत वाली जलवायु प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण काफी अहम हो गया है। भारत यथाशीघ्र एक लाख करोड़ डॉलर के जलवायु वित्त की उम्मीद करता है।’’

बाद में उन्होंने सीओपी-26 अध्यक्ष आलोक शर्मा से मुलाकात की, जो भारतीय मूल के ब्रिटेन के कैबिनेट मंत्री हैं। उनसे मुलाकात के दौरान भूपेंद्र ने जलवायु वित्त बढ़ाने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि विकासशील देशों के लिए उच्चतर लक्ष्यों को हासिल करना जरूरी है। दिन में उन्होंने आस्ट्रेलिया के ऊर्जा एवं उत्सर्जन कटौती मंत्री एंगस टैलर से भी मुलाकात की। भूपेंद्र, ग्लासगो में सीओपी-26 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो 31 अक्टूबर को शुरू हुआ था और 12 नवंबर को संपन्न होगा। ब्रिटेन सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है।