धनतेरस पर अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे भगवान धन्वंतरि

हिन्दू धर्म में दीपावली का त्योहार बहुत उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है। कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक अमावस्या तिथि पर भगवान श्री राम 14 वर्षो का वनवास काटकर और लंका पर विजय करने के बाद अयोध्या लौटे थे।
जिसकी खुशी में सारे अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था। दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन शाम और रात के समय शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी, भगवान गणोश और माता सरस्वती की पूजा की जाती है। धनतेरस दिवाली का पहला दिन माना जाता है। इसके बाद नरक चतुर्दशी फिर दिवाली, गोवर्धन पूजा और आखिरी में भैयादूज का त्योहार मनाया जाता है। आइए जानते हैं पांच दिनों तक चलने वाले दिवाली महापर्व की प्रमुख तिथियां और शुभ मुहूर्त.
धनतेरस 2021 : हिंदू पंचांग के अनुसार, धनतेरस का त्योहार हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। धनतेरस जिसे धन त्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती भी कहते हैं, पांच दिवसीय दीपावली का पहला दिन होता है। धनतेरस के दिन से दिवाली का त्योहार प्रारंभ हो जाता है।
मान्यता है इस तिथि पर आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रगट हुए थे। इसी कारण से हर वर्ष धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा निभाई जाती है। कहा जाता है, जो भी व्यक्ति धनतेरस के दिन सोने-चांदी, बर्तन, जमीन-जायजाद की शुभ खरीदारी करता है, उसे लाभ होता है, इस बार 02 नवंबर, मंगलवार को धनतेरस का त्योहार हैं।