क्रूज पार्टी के आयोजकों ने केंद्र से अनुमति ली थी, महाराष्ट्र सरकार से नहीं : नवाब मलिक

मुंबई। महाराष्ट्र के मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक ने बुधवार को दावा किया कि कॉर्डेलिया क्रूज पर कथित मादक पदाथरें की पार्टी के आयोजकों ने नौका के संचालन की अनुमति केंद्र के नौवहन निदेशालय से ली थी, राज्य पुलिस या राज्य गृह विभाग से नहीं।
मलिक ने कहा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय मादक पदार्थ गिरोह का सदस्य उसी क्रूज जहाज पर मौजूद था। उन्होंने पूछा कि वह कैसे अब भी आजाद घूम रहा है, जबकि अन्य लोगों को क्रूज जहाज पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। मंत्री ने एनसीबी की मुंबई क्षेत्रीय इकाई के निदेशक समीर वानखेड़े का जन्म प्रमाणपत्र सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वानखेड़े ने नौकरी के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। मलिक ने कहा, अगर उनके द्वारा साझा किया गया प्रमाण पत्र गलत निकला तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और राजनीति छोड़ देंगे। मलिक ने कहा, मैं आश्चर्यचकित हूं कि भाजपा नेता क्यों असहज हो रहे हैं जबकि मैं समीर वानखेड़े के बारे में खुलासा करने की कोशश कर रहा हूं।
एनसीबी ने दो अक्टूबर को मुंबई के तट पर एक क्रूज़ जहाज पर छापेमारी की थी, जिसमें कथित तौर पर मादक पदार्थ जब्त किए गए थे। मामले में बाद में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान और अन्य कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मलिक ने क्रूज जहाज पर मादक पदार्थ पार्टी के भंडाफोड़ को बार बार ‘फर्जी’ बताया है और इस मामले की जांच की अगुवाई कर रहे वानखेड़ पर कई आरोप लगाए हैं।
मंत्री ने बुधवार को कहा, कॉर्डेलिया क्रूज पर पार्टी के आयोजक ‘फैशन टीवी’ ने नौका के संचालन की अनुमति महाराष्ट्र पुलिस या राज्य के गृह विभाग से नहीं ली थी। उन्होंने नौवहन निदेशालय से अनुमति ली थी, जो केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अधीन आता है।
मलिक ने कहा, मेरा मानना है कि दिल्ली से एनसीबी के शीर्ष अधिकारियों की एक समिति यहां आई है। उन्हें एनसीबी की मुंबई क्षेत्रीय इकाई के निदेशक समीर वानखेड़े, केपी गोसावी, प्रभाकर सैल और वानखेड़े के चालक के माणो के निजी फोनों पर आए सभी कॉल की सघन जांच करनी चाहिए। आपको कोई बयान दर्ज नहीं करने पड़ेंगे। फोन कॉल से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। मलिक ने कहा, अगर उनके द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया वानखेड़े का जन्म प्रमाणपत्र फर्जी निकला तो, मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा और राजनीति भी छोड़ दूंगा। अगर मेरे दावे सही साबित हुए तो समीर वानखेड़े कम से कम मुझसे और मेरे परिवार से माफी मांगे। उनकी नौकरी तो यकीनन जाएगी। मलिक ने दावा किया कि वह एनसीबी के शीर्ष अधिकारियों को ‘सुराग’ दे रहे हैं जिन्हें इस मामले की जांच करने की जरूरत है।