डिप्रेशन को करे छू मंतर, साउंड हीलिंग थेरेपी तनाव

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ वाली हमारी जिंदगी में सुकून के दो पल मिल पाना बड़ी बात है। काम का स्ट्रेस, रिश्तों को संभालने का तनाव और न जाने कितनी तरह के प्रेशर में हम जीते हैं। पिछले कुछ वर्षो में बेहद लोकप्रिय हुआ ध्वनि तरंगों से उपचार न केवल इस प्रेशर को बहुत हद तक कम करने में प्रभावी है, बल्कि कई शोधों में यह बात भी सामने आई है कि इसके जरिए कैंसर, मेंटल डिसआर्डर जैसी असाध्य बीमारियों से भी राहत मिलती है। भारत की करीब 5000 साल पुरानी इस उपचार पद्धति को ध्वनि स्नान या साउंड बाथ थेरेपी के नाम से जाना जाता है। इस हीलिंग के दौरान एक ट्रेंड प्रैक्टिशनर आपके दिमाग को कई तरह से शांत करने का प्रयास करता है।
क्या है साउंड हीलिंग थेरेपी : इसमें कई तरह की ध्वनियों को क्रिस्टल या धातु के कटोरे से उत्पन्न किया जाता है। कटोरे को प्रैक्टिशनर रणनीतिक रूप से शरीर के चारों ओर इस तरह से रखता है ताकि इसके माध्यम से एक कंपन भेजकर शरीर को आराम पहुंचाया जा सके। यही कंपन हमारे शरीर में जमा तनाव को रिलीज करता है और मस्तिष्क को एकाग्र कर ध्यान की स्थिति में पहुंचा देता है। साउंड बाथ के दौरान पेशेंट लेट जाता है या फिर बैठ जाता है। सिंगिंग बाउल का इस्तेमाल कई बार शरीर पर और कई बार सिर के आसपास किया जाता है। सेशन के लिए प्रैक्टिशनर सही इंस्ट्रूमेंट, टोन और फ्रीक्वेंसी का चुनाव करता है। साउंड बाउल, क्रिस्टल बाउल, गोंग्स, ट्यूनिंग फोर्क, चाइम आदि साउंड थेरेपी के जाने माने इस्ट्रूमेंट्स हैं।
क्या कहते हैं एर्क्‍सपट्स : राजधानी दिल्ली में स्पर्श हेल्थकेयर एंड वेलनेस के तहत साउंड थेरेपी से उपचार मुहैया कराने वाले सत्यम ग्रुप ऑफ कंपनीज के प्रमुख हर्ष वशिष्ठ ने बताया कि साउंड हमारे गर्भधारण संस्कार से भी जुड़ा है। ऐसी कई प्राचीन कथाएं सुनने को मिलती हैं, जिसमें गर्भवती को भजन, कीर्तन और अच्छा संगीत सुनाया गया तो जन्म लेने वाला शिशु बड़ा होकर ओजस्वी बना। साउंड हीलिंग थेरेपी के दौरान उत्पन्न होने वाली ध्वनि तरंगें पूरे मन और मस्तिष्क को एक्टिवेट कर देती है। इस थेरेपी के कुछ ही सेशन बाद लोग अपने अंदर सकारात्मक ऊर्जा महसूस करने लगते हैं। और यही इस थेरेपी का जादू है।
स्पर्श हेल्थकेयर से जुड़े और चेन्नई व दिल्ली समेत दुबई में साउंड थेरेपी सेंटर चलाने वाले प्रख्यात साउंड थेरेपिस्ट और इस विधा के शिक्षक मनन का कहना है कि व्यक्ति का मस्तिष्क ही उसके पूरे शरीर का संचालक होता है। अगर मस्तिष्क शांत रहेगा तो आप काम मन लगाकर करेंगे। साउंड हीलिंग थेरेपी आपकी इसी एकाग्रता को बढ़ाकर आपको पॉजिटिव ऊर्जा से बढ़ा देता है। इसकी उपचारात्मक क्षमता को देखते हुए इसे जन जन तक पहुंचाने की जरूरत है।
थेरेपी के लाभ
यह थेरेपी चिंता, तनाव और डिप्रेशन को कम करती है। दरअसल, ध्वनि तरंगों मस्तिष्क में अल्फा और ठीटा तरंगें सक्रिय होती हैं, जिससे तनाव और चिंता कम हो जाती हैं। अनिद्रा के शिकार लोगों के लिए यह थेरेपी रामबाण है।
यह आपकी थकान को दूर करने में भी सहायक है
इस थेरेपी से शरीर के किसी भी अंग का दर्द भी धीरे-धीरे खत्म हो जाता है
यह हार्मोन असंतुलन को ठीक करने के साथ ही जिन लोगों का मूड स्विंग होता है, उनके लिए बेहद लाभकारी है।
ये ध्वनियां नर्वस सिस्टम को नियंत्रित कर ब्लड प्रेशर को भी कम करती हैं।
इसके अलावा ऑटिज्म, मेंटल डिसआर्डर और कैंसर रोगियों पर भी इसे प्रभावी पाया गया है।

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