रात में फल खाने की गलती कहीं आप भी तो नहीं करते

फलों को हमारे शरीर के लिए सर्वोत्तम आहार माना जाता है. फल में वो सभी जरूरी तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए जरूरी होते हैं. यदि व्यक्ति सिर्फ फल खाए तो भी कई दिनों तक सर्वाइव कर सकता है. पहले के समय में भी ऋषि मुनि सिर्फ फल खाकर कई दिन निकाल देते थे.

लेकिन फल को खाने के लिए एक निश्चित समय बना हुआ है. उसके बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है. कुछ लोग सुबह, शाम या रात कभी भी फल खा लेते हैं. लेकिन आयुर्वेद के अनुसार यदि फल का पूरा फायदा लेना है तो इसे सूर्यास्त के बाद न खाएं. जानिए इसका सही समय क्या होना चाहिए.

आयुर्वेद के मुताबिक सूर्यास्त के बाद कोई भी फल खाने से शरीर को उसका फायदा नहीं मिलता, ​बल्कि वो नुकसान करता है. इसकी वजह है कि सूर्यास्त के बाद भोजन की प्रकृति में कई तरह का बदलाव होता है. फलों के साथ भी ऐसा होता है और फलों में मौजूद पोषक तत्व नष्ट होने लगते हैं. जिससे इनका पूरा फायदा नहीं मिलता. साथ ही पाचन तंत्र गड़बड़ होने की आशंका रहती है. इसके अलावा सूर्यास्त के बाद वातावरण में नमी बढ़ जाती है. इससे सूक्ष्म जीव और बैक्टीरिया फैलने लगते हैं. ये बैक्टीरिया फलों में चिपककर हमारे शरीर में चले जाते हैं. इससे बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है. इसलिए आयुर्वेद में रात के समय फल खाने के लिए मना किया गया है.

फल खाने का सबसे सही समय ब्रेकफास्ट और लंच के बीच माना जाता है. इसके अलावा सुबह से लेकर सूर्यास्त से पहले तक आप इसे कभी भी खा सकते हैं. दिन के समय व्यक्ति का शरीर एक्टिव रहता है. ऐसे में फल आसानी से पच जाता है और इसके पूरे फायदे व्यक्ति को मिल पाते हैं और पाचन तंत्र मजबूत होता है. लेकिन फल को जब भी खाएं तो अकेले ही खाएं. किसी चीज के साथ या मिक्स करके न खाएं. आजकल लोग शेक, सलाद आदि के तौर पर फल खाते हैं. लेकिन जब भी फल किसी ​दूसरी चीज के साथ मिल जाता है तो इसके पूरे फायदे व्यक्ति को नहीं मिल पाते. साथ ही ऐसे में कई तरह के नुकसान भी हो सकते हैं.

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