ओडिशा में रिकॉर्ड तोड़ बारिश

भुवनेर। ओडिशा के कई इलाकों में सोमवार को रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई जिससे जगह जगह जलजमाव हो गया और गाड़ियां उसमें फंस गई। बरसात ने राजधानी भुवनेर में 63 साल का, तो मंदिर नगरी पुरी में 87 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है। केंद्रपाड़ा जिले में दीवार गिरने की घटना में दो लोगों की मौत की सूचना है।
अधिकारियों के मुताबिक, भुवनेर में बीते 24 घंटे में, सुबह साढ़े आठ बजे तक 195 मिमी बारिश हुई जो पिछले 63 वर्षों में सर्वाधिक है। इससे पहले नौ सितम्बर 1958 को शहर में 163 मिमी बारिश हुई थी। उन्होंने बताया, पुरी में एक दिन में 341 मिमी बारिश हुई है जिससे 87 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। उनके मुताबिक, तटीय शहर में दो सितम्बर 1934 को 210.8 मिमी बारिश हुई थी।
स्थानीय लोगों ने बताया, राजधानी के नयापल्ली इलाके में इस्कॉन मंदिर के पास पानी में वाहन तैरते देखे गए, जहां घरों और बाजारों में बारिश का पानी घुस गया। अस्पताल जाने के रास्ते में फंसी एक एम्बुलेंस को स्थानीय लोगों ने धक्का लगाकर सड़क किनारे पहुंचाया जहां जलजमाव नहीं था। वहीं दुमुदुमा इलाके में खेत में बने कुछ घरों में दरारें आ गई हैं। इसी तरह के दृश्य पुरी, कटक और पारादीप में भी देखे गए। नगर निगम के अधिकारियों ने पानी निकालने के लिए भुवनेर और कटक में 100 से अधिक पंप तैनात किए हैं। ओडिशा में पिछले कुछ दिनों से गहरे दबाव के क्षेत्र की वजह से भारी बारिश हो रही है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव का क्षेत्र गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया। सोमवार सुबह भद्रक जिले के चांदबली के पास तट को पार कर गया। मौसम विभाग ने 13 जिलों के लिए अलर्ट जारी किए। मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों में पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में उत्तर ओडिशा, उत्तर छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है। विभाग ने संबलपुर, देवगढ़, सोनपुर और बारगढ़ के लिए ‘रेड’ चेतावनी जारी की है जिसका मतलब है कि इन स्थानों पर भारी से बेहद भारी और अत्यधिक भीषण वष्रा हो सकती है। मौसम कार्यालय ने कहा, पिछले 24 घंटों में पुरी में 341 मिमी बारिश हुई, जिसके बाद पारादीप में 219 मिमी, गोपालपुर में 64 मिमी, चांदबली में 46 मिमी और बालासोर में 24 मिमी में बारिश हुई। केंद्रीय जल आयोग ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रमुख नदियां और उनकी सहायक नदियां लगातार बारिश के कारण उफान पर हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *