सरकारी आदेशों को ठेंगे दिखा रही एनबीसीसी

भ्रष्टाचार के मामले को दो साल तक दबाए रहे शीर्ष अधकारी

आरोपित ठेकेदार को ही दे दिया नया काम

मामले का खुलासा होने पर किया निलंबित
नई दिल्ली। देश में भवन एवं निर्माण क्षेत्र से जुड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी एनबीसीसी सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की अपील के उसके लिए कोई मायने नहीं रह गए हैं।
कंपनी से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार दो साल पहले एक ठेकेदार के भ्रष्टाचार की शिकायत एनबीसीसी के तत्कालीन चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) से की गई थी। इस शिकायत को अब तक दबाये रखा गया। यही नहीं, पिछले दिनों इसी ठेकेदार को निजी क्षेत्र दिवालिया हुई कंपनी आम्रपाली में निर्माण कार्य का ठेका दे दिया गया। बाद में उसी शिकायत के आधार पर इस ठेकेदार को निलंबित कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार इस मामले की तफ्तीश में दो फाइलें एक साथ चली थीं। इनमें एक फाइल ईमानदारी की और दूसरी थी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने की। इस दौरान अफसरों ने साठगांठ करके ईमानदारी को भ्रष्टाचार वाली फाइल से पटखनी दे दी। विभागीय सूत्र बताते हैं यह मामला बहुत गंभीर है। इससे जुड़े कुछ दस्तावेज मीडिया के हाथ लग चुके हैं। इस पूरे प्रकरण में एनबीसीसी के उच्च अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है। माना जा रहा है कि इस प्रकरण का मीडिया में जल्द ही बड़ा खुलासा होने वाला है।