तालिबान लड़ाकों की फायरिंग से काबुल एयरपोर्ट पर मची भगदड़, सात अफगान नागरिकों की मौत

नई दिल्ली: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद मची अफरा-तफरी के बीच काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के निकट एकत्र हुई लोगों की भीड़ में शामिल सात अफगान नागरिकों की मौत हो गई है ब्रिटेन की सेना ने यह जानकारी दी। ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘जमीनी स्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन हम अधिक से अधिक सुरक्षित तरीके से हालात को संभालने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।’

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद उसके शासन से बचकर भागने की कोशिश में हजारों लोग हवाईअड्डे पर एकत्र हो गए हैं। तालिबान के काबुल पर कब्जा करने के ठीक एक हफ्ते बाद रविवार को अफगानिस्तान की राजधानी में सरकारी और निजी कार्यालय बंद रहे, मंत्रालयों, पासपोर्ट विभाग और बैंकों जैसे सरकारी और निजी कार्यालयों के बंद होने से काबुल के निवासियों के लिए खासी दिक्कतें खड़ी हो गई हैं।

अफगानिस्तान में अमेरिकियों को इस्लामिक स्टेट के संभावित खतरे के मद्देनजर अमेरिकी सेना उन्हें काबुल में हवाईअड्डे तक लाने के नए तरीके खोज रही है। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद अफरा-तफरी के माहौल में वहां से लोगों को बाहर निकालने के प्रयास अब और जटिल हो गए हैं। अधिकारी ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर शनिवार को बताया कि अमेरिकियों के छोटे-छोटे समूहों और अफगानिस्तान से निकलने के इच्छुक संभवत: अन्य लोगों को विशेष निर्देश दिए जाएंगे कि उन्हें क्या करना है। उन्हें उन बिंदुओं पर आवागमन को लेकर निर्देश दिए जाएंगे, जहां सेना उन्हें एकत्र कर सकती है।

अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को एक नयी सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से कहा कि वे काबुल हवाई अड्डे के द्वार पर सुरक्षा खतरों को देखते हुए “अमेरिकी सरकार के प्रतिनिधि के व्यक्तिगत निर्देश” के बिना वहां नहीं आएं। अधिकारियों ने आईएस के खतरे के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया, लेकिन उसने कहा कि यह खतरा बड़ा है। उन्होंने कहा कि अभी तक आईएस के किसी हमले की पुष्टि नहीं हुई।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन की अमेरिकी सैनिकों की पूरी तरह वापसी की 31 अगस्त की समय-सीमा नजदीक आती जा रही है। हवाई अड्डे के बाहर हो रही हिंसा और अफरा-तफरी के वीडियो सामने आने के बीच बाइडन की आलोचना हो रही है। तालिबान के बदले से खौफजदा अफगान लोग गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें यहां छोड़कर नहीं जाया जाए।