पहलवानी में बजरंग पूनिया ने जीता ब्रॉन्ज मेडल, देश को दिलाया छठा पदक

भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने अपने पिता के भरोसे पर खरा उतरते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है। इसके साथ ही उनका ओलिंपिक पदक का सपना भी पूरा हो गया है। टोक्यो ओलिंपिक में अब तक भारत की झोली में 6 पदक आ चुके हैं। बजरंग ने पुरुषों के फ्री स्टाइल 65 किलो वर्ग कुश्ती में कजाखस्तान के रेसलर को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया है। बजरंग की जीत के लिए उनकी मां ने शिवरात्रि व्रत रखा था, जबकि उनके पिता को भी पूरा भरोसा था कि बेटा खाली हाथ नहीं लौटेगा।8-0 से जीता मुकाबला
इस मैच में बजरंग ने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी। इसके बाद दूसरे गेम में डेढ़ मिनट का खेल खत्म होने के बाद उन्होंने जबरदस्त आक्रमण किया। उन्हें दो टेक डाउन के बाद तीन अंक मिले और आखिरी 30 सेकेंड में फिर उन्होंने दो अंक बटोरे। अंत में बजरंग ने 8-0 से एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की।

कैसा रहा बजरंग का सफर

टोक्यो ओलंपिक 2020 में बजरंग ने अपने सफर की शुरुआत जीत के साथ की थी। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान के एर्नाजर अकमातालिवे पर तकनीकी आधार पर जीत हासिल की थी। यह मुकाबला 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ था पर तकनीकि आधार पर बजरंग विजेता बने थे। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने ईरानी पहलवान को चित करके मैच खत्म कर दिया था और बाय फाल से विजेता बने थे। हालांकि, सेमीफाइऩल मैच में उन्हें अजरबैजान के पहलवान के हाथों 12-5 से हार का सामना करना पड़ा।

लेग डिफेंस पर किया काम

बजरंग पूनिया पिछले दस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पदक जीतने में कामयाब रहे हैं। उन्होंने छह स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य जीता है। अपने दमखम के आधार पर जीतने वाले बजरंग के लिए ‘लेग डिफेंस’ समस्या रहा है। लेकिन, उन्होंने इस पर मेहनत की है। विदेशी कोच के साथ बजरंग ने विशेष तौर पर लेग डिफेंस और स्टेमिना पर काम किया है।