बजरंग पूनिया के इस काम ने जीत लिए करोड़ों दिल

नई दिल्ली: टोक्यो ओलंपिक्स में जहां एक ओर रवि पूनिया के खिलाफ कजाकिस्तान के पहलवान की दांत काटने की करतूत ने शर्मसार किया, तो वहीं दूसरी ओर पहलवान बजरंग पूनिया ने दिल जीतने का काम किया। हुआ यूं कि बजरंग पूनिया ईरान के घियासी चेका मुर्तजा के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मुकाबला खेल रहे थे। पूनिया ने ऐसा दांव चला कि मुर्तजा उसका तोड़ नहीं निकाल पाए और ढेर होते चले गए। बजरंग को जीत विक्ट्री बाय फॉल के जरिए मिल गई, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने लोगों को दंग कर दिया। बजरंग ने मुर्तजा को हाथ दिया और मैट से ऊपर उठा लिया। खेल की ये भावना करोड़ों लोगों का दिल जीत गई। आदर, सम्मान और खेल के प्रति लग्न का ये भाव लोगों को स्पोर्ट स्पिरिट का संदेश दे गया।

विक्ट्री बाय फॉल एक ऐसा दांव है, जिसमें पहलवान प्रतिद्वंद्वी के दोनों कंधे जमीन में सटा देता है। इसके बाद स्कोर शानदार जीत में तब्दील हो जाता है। इसी दांव की बदौलत पहलवान रवि कुमार दहिया ने एक मिनट से भी कम समय में कजाकिस्तान के नुरिसलाम सानायेव को हार मानने पर मजबूर कर दिया था। मुर्तजा ने पीरियड 1 में एक तकनीकी पॉइंट हासिल किया, जबकि बजरंग इसमें एक भी अंक हासिल नहीं कर सके। इस तरह पहले पीरियड तक मुर्तजा 1-0 से आगे हो गए। लेकिन दूसरे पीरियड में बजरंग ने जबर्दस्त वापसी की और 2 तकनीकी पॉइंट हासिल कर मुर्तजा को धूल चटा दी। बजरंग की जीत ‘विक्ट्री बाय फॉल’ से हुई। बजरंग पूनिया का सेमिफाइनल मुकाबला 6 अगस्त को ही अजरबैजान के एलीयेव हाजी से होगा। इससे पहले रेसलिंग में बजरंग पूनिया ने शानदार जीत दर्ज की थी। उन्होंने किर्गिस्तान के एरनाजर एकामातालीव को शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही बजरंग पूनिया ने क्वार्टरफाइनल में एंट्री दर्ज की है। बजरंग ने पहले पीरियड में 1-2 तकनीकी पॉइंट हासिल किए।

ये थी करतूत

रेसलिंग के सेमिफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के खिलाड़ी नुरिसलाम सानायेव का मुकाबला भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया से था। इस दौरान रवि ने सानायेव के दोनों कंधे एक साथ मैट पर रख दिए। अपनी हार सामने देख सानायेव खीज खा गए। उन्होंने रवि के हाथ को दांतों से काटने की कोशिश की, लेकिन रवि दर्द के बावजूद लड़ते रहे और अंतत: उन्हें जीत मिली।