दैनिक भास्कर के परिसरों पर आयकर के छापे, सरकार ने कहा- कार्रवाई प्रक्रिया का हिस्सा

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने तथाकथित कर चोरी, फर्जी खर्चों एवं सेल-परचेज अनियमितताओं के आरोपों में प्रमुख मीडिया समूह दैनिक भास्कर के विभिन्न शहरों में स्थित परिसरों पर वीरवार को छापेमारी की। जांच एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि भास्कर समूह मीडिया के अलावा पॉवर, टेक्सटाइल व रियल एस्टेट के भी बिजनेस चलाता है। समूह के पास छोटी-बड़ी मिलाकर लगभग 100 कंपनियां हैं।

दैनिक भास्कर समूह के कार्यालयों में आयकर अधिनियम की धारा 132 के तहत छापे की कार्रवाई की गई। इस दौरान मुंबई, दिल्ली, नोएडा, भोपाल, इंदौर, कोरबा, जयपुर और अहमदाबाद में कुल 32 स्थानों पर टीमों ने जांच की और बैंकिंग से जुड़ी पूछताछ की। छापेमारी सुबह साढ़े 5 बजे शुरू हुई और शाम तक जारी रही। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि विभागीय जानकारी का विश्लेषण, बैंकों की जांच आदि के आधार पर कार्रवाई की गई।

भास्कर समूह का कहना
छापे पर भास्कर समूह का कहना है कि कोरोना मामलों में आक्रामक रिपोर्टिंग के चलते उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई। इस मामले में छापे से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि वित्तीय अनियमितता के तहत व्यक्तिगत और बिजिनेस के रूप में निवेश करने की जांच की जा रही है। धन को शेयर प्रीमियम में लगाने और मॉरीशस की संस्थाओं द्वारा विदेशी निवेश की पड़ताल चल रही है। भास्कर समूह के संचालक परिवार में से कुछ के नाम पनामा लीक्स केस में भी सामने आए थे।

आयकर विभाग ने कहा कि भास्कर की तरफ से लगाया गया यह आरोप पूरी तरह गलत है कि छापे के दौरान अधिकारियों ने खबरों में परिवर्तन कराया। विभाग छापे के दौरान केवल वित्तीय अनियमितताओं और कर संबंधित जांच ही करता है।

सीएम केजरीवाल ने छापों को बताया मीडिया को डराने की कोशिश
छापों को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह कार्रवाई प्रक्रिया का हिस्सा है, इसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं है। इस मामले को लेकर राज्यसभा में हंगामा भी हुआ। विपक्ष के कई नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया भी सामने आई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छापों को मीडिया को डराने की कोशिश बताते हुए मांग की कि ऐसी कार्रवाइयां तुरंत रुकनी चाहिए और मीडिया को स्वतंत्र तरीके से काम करने देना चाहिए।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, मैं इस प्रतिशोधी कार्रवाई की कड़ी निंदा करती हूं जिसका मकसद सच सामने लाने वाली आवाजों को दबाना है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट कर कार्रवाई की निंदा की।