टोक्यो ओलंपिक: जापान की वेंडिंग मशीनें क्यों इतना आकर्षित कर रही हैं?

भारत में कहीं-कहीं एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशनों आदि पर हम सब ने वेंडिंग मशीनें देखी हैं जहां से आप पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक आदि ख़रीद सकते हैं. इसलिए जब जापान में पहुँचते ही मेरी नज़र वेंडिंग मशीन पर पड़ी तो मुझे कोई हैरत नहीं हुई. फिर देखा कि हर गली में वेंडिंग मशीनें हैं जहां से आप दिन या रात कभी भी ख़रीदारी कर सकते हैं. सोचा कि शायद जापान के लोग दुकानों की तुलना में इन्हें इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, इसलिए यह जगह-जगह नज़र आती हैं. मैं क्वारंटीन में था, इसलिए पहले कुछ दिन तो मुझे इन्हें इस्तेमाल करने का मौका नहीं मिला. बस इन मशीनों को कार से ही आते जाते देखता था.

हमें तीन दिन केवल कोविड टेस्ट करवाने के लिए ही होटल से बाहर जाने की इजाज़त थी, लेकिन इसके बाद जब हमें टोक्यो बिग साइट (यह जापान का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र है) में बनाए गए मेन प्रेस सेंटर यानी एमपीसी में बैठकर काम करने की अनुमति मिल गई तो बाहर आने-जाने का कुछ मौका मिला.
एमपीसी में मैंने देखा कि एक ही जगह पर एक साथ पाँच वेंडिग मशीनें हैं और इन वेंडिग मशीनों पर कुछ लोग भी जमा थे. पास जा कर पता चला कि जापान की वेंडिग मशीनें न केवल भारत से बल्कि अधिकतर देशों से अलग हैं.

एक तो यह अत्याधुनिक हैं और दूसरे, इनमें ऐसी बहुत-सी चीज़ें मिल जाती हैं जिसकी कम से कम मैंने तो कल्पना नहीं की थी. अधिकांश मशीनें ठंडा पानी, जूस, एनर्जी ड्रिंक, चाय और कॉफ़ी वगैरह को 100 से 200 येन पर बेचती हैं. 100 येन लगभग 70 भारतीय रुपये. इन मशीनों में आमतौर पर गर्म और ठंडे दोनों तरह के ड्रिंक्स मिलते हैं. लेकिन, कुछ वेंडिंग मशीनो में आइसक्रीम, इंस्टेंट नूडल्स और यहां तक कि चावल और डिस्पोज़ेबल कैमरे जैसे सामान भी मिल जाते हैं. यह जापानी करंसी येन के सिक्कों और नोटों में भुगतान स्वीकार करती है या फिर कार्ड से.

यहां कुछ वेबसाइटों का दावा है कि जापान में हर 40 लोगों पर एक वेंडिंग मशीन है जो कि दुनिया में सबसे अधिक है. मशीनें सभी शहरों, कस्बों और यहां तक कि ग्रामीण इलाक़ों में भी मिलती हैं. टोक्यो के जिस गिंज़ा इलाक़े में मैं रह रहा हूँ वहां मेरी खिड़की से ही तीन वेंडिंग मशीनें दिखाई देती हैं. फ़िलहाल मेन प्रेस सेंटर यानी एमपीसी में लगी वेंडिंग मशीनों पर लौटते हैं. ओलंपिक खेलों को कवर करने के लिए दुनिया भर से यहां एकत्र हुए पत्रकारों में इन वेंडिंग मशीनों को लेकर काफ़ी उत्साह है.

यहाँ वेंडिग मशीनों में ओलिंपिक की थीम पर ही सामान बिक्री के लिए रखा गया है. मसलन चश्मे से लेकर बैग, टंबलर, डॉल (गुड़िया) अलग-अलग आकार, रंग और क़ीमत पर उपलब्ध हैं. लगभग हर सामान किसी न किसी तरह से टोक्यो 2020 से जुड़ा है. या फिर उस पर ‘टोक्यो 2020’ लिखा है और पाँच रिंग बने हुए हैं. कई लोग वेंडिंग मशीन पर ख़रीदारी के अनुभव को काफ़ी इन्जॉय करते हैं. उनका कहना है कि किसी आइटम का चयन किया, पैसे दिए और खटाक करके आपकी पसंदीदा चीज़ बाहर.

बिक्री काउंटर पर किसी से बात करने की आवश्यकता नहीं है. कुछ लोग तो इन मशीनों को कोविड के समय में बहुत सुरक्षित पाते हैं क्योंकि ये किसी के भी संपर्क में आने की ज़रूरत को ख़त्म कर देती हैं. एक वेंडिंग मशीन के पास खड़े एक सेल्स मैन ने कहा कि कोरोना काल के दौरान इतनी सारी वेंडिंग मशीन लगाने के पीछे का मक़सद किसी से भी संपर्क को कम से कम करना है.

हालांकि, सभी लोग वेंडिंग मशीनों पर ख़रीदारी के अनुभव को पसंद नहीं कर रहे हैं. उदाहरण के लिए मेरी एक महिला सहयोगी जो ओलंपिक मस्कट को बिक्री पर लगे देखकर इतनी उत्साहित थीं कि उन्होंने तुरंत इसे ख़रीद लिया. वह कहती हैं, “लेकिन जब बाहर निकला तो मुझे इतनी खुशी नहीं हुई. यह जानने का कोई तरीका नहीं है कि वस्तु किस साइज़ या आकार की होगी. मैंने इसे 8800 येन (यानी लगभग 6000 रुपए) से अधिक में ख़रीदा है और मुझे यक़ीन है कि अगर मैंने इसे किसी दुकान में देखा होता तो मुझे यह उस क़ीमत के लिए बहुत छोटा लगता. तो यह इन मशीनों का एक नकारात्मक पहलू है.”

लेकिन फिर भी इटली से संबंध रखने वालीं और लंदन में काम करने वालीं मेरी सहयोगी इन वेंडिंग मशीनों की हर जगह उपस्थिति और विविधता से उतनी ही प्रभावित हैं जितना कि मैं.

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