दूसरी बार बांध भरने के बावजूद इथियोपिया में नील का जलस्तर स्थिर

सूडान के एक अधिकारी ने कहा कि इथियोपिया द्वारा विवादित ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां डैम (जीईआरडी) को दूसरी बार भरने के बावजूद नील नदी का जल स्तर स्थिर है।
सूडान के अल-रुसारेस बांध के निदेशक हामिद मोहम्मद अली ने रविवार को बयान में कहा, अप्रैल के बाद से, इथियोपिया के साथ सीमा पर अल-दाइम स्टेशन ने इथियोपिया के पठार से सूडान में आने वाले पानी के दैनिक स्तर में किसी भी गिरावट की निगरानी नहीं की है।

उन्होंने कहा कि हालांकि इथियोपिया ने जीईआरडी की दूसरी फिलिंग शुरू की, फिर भी दैनिक पानी की मात्रा स्थिर है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अली ने जोर देकर कहा कि इथियोपिया द्वारा जीईआरडी भरने के दूसरे चरण की शुरूआत के बावजूद, बांध को भरने संचालन के संबंध में एक कानूनी बाध्यकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने चाहिए।
ब्लू नाइल पर अल-रुसैरेस बांध, जो जीईआरडी से लगभग 100 किमी दूर है, 1966 में 335 करोड़ क्यूबिक मीटर की भंडारण क्षमता के साथ स्थापित किया गया था।

जीईआरडी को भरने संचालन से संबंधित तकनीकी कानूनी मुद्दों पर अफ्रीकी संघ की छत्रछाया में सूडान, मिस्र इथियोपिया वर्षों से बातचीत कर रहे हैं।

सूडान ने जीईआरडी विवाद को सुलझाने पर संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, अमेरिका अफ्रीकी संघ की मध्यस्थता चौकड़ी का प्रस्ताव रखा।

हालांकि इथियोपिया ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।

फरवरी में, इथियोपिया ने कहा कि वह जून में जीईआरडी के दूसरे चरण के 135 करोड़ क्यूबिक-

मीटर भरने के साथ आगे बढ़ेगा।

पिछले साल पहले चरण की फिलिंग की मात्रा 490 करोड़ क्यूबिक मीटर थी।

इथियोपिया, जिसने 2011 में जीईआरडी का निर्माण शुरू किया था, बांध परियोजना से 6,000 मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन करने की उम्मीद करता है।

मिस्र सूडान, डाउनस्ट्रीम नील बेसिन देश, जो अपनी मीठे पानी की जरूरतों के लिए नील नदी पर निर्भर हैं, वो इस बात से चिंतित हैं कि जीईआरडी जल संसाधनों के उनके हिस्से को प्रभावित करेगा।

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