16 महीने से पाकिस्तान में फंसे थे कई छात्रों समेत 450 भारतीय, आखिरकार हुई ‘घर वापसी’

पाकिस्तान में करीब 16 महीने से फंसे 450 से ज्यादा भारतीय आखिरकार घर लौट आए हैं. सोमवार को वाघा बॉर्डर से इन्होंने भारतीय सीमा में प्रवेश किया. ये सभी भारतीय नागरिक कोरोना वायरस की वजह से बॉर्डर बंद होने की वजह से पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में फंसे हुए थे. पिछले साल कोविड-19 के फैलने के बाद से भारत और पाकिस्तान आना-जाना बंद कर दिया गया था. (450 Indians stranded in Pakistan due to Covid returned to India)

इस वजह से दोनों ही देशों के नागरिक फंस गए थे. हालांकि तभी से ही भारतीयों और पाकिस्तानियों को अपने-अपने घर भेजने के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. सोमवार को जो भारतीय लौटे हैं, उनमें बहुत से कश्मीरी छात्र भी हैं. ये छात्र पाकिस्तान के शैक्षिक संस्थानों में प्रोफेशनल्स कोर्स की पढ़ाई कर रहे थे. सोमवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई यह प्रक्रिया लगभग पूरे दिन ही चलती रही.

वाघा से लौटेंगे अपने-अपने घर

वाघा बॉर्डर से भारत में प्रवेश करने के बाद इन भारतीय नागरिकों को अपने-अपने शहर भेजने की व्यवस्था कराई जा रही है. इन्हें कड़ी सुरक्षा में भारत पहुंचाया गया. पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग ने 405 भारतीय नागरिकों और 48 NORI (No Objection to Return to India) को वापस जाने में मदद की. इसके अलावा NORI वीजा धारकों की पत्नियों व रिश्तेदारों को भी वापस भेजने का प्रबंध किया गया.

क्या है NORI वीजा

NORI वीजा उन लोगों को दिया जाता है, जो भारत के नागरिक नहीं हैं, लेकिन भारत सरकार ने इन्हें लंबे समय तक रहने के लिए वीजा (Long Term Visa) दिया होता है. इस तरह के वीजाधारक पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, लेकिन इन्हें 60 दिनों के भीतर लौटना होता है. इससे पहले 11 जनवरी को भी 114 भारतीय अपने देश लौटे थे.

पाकिस्तान ने 26 देशों पर लगाया यात्रा प्रतिबंध

पिछले हफ्ते कोरोना के नए वेरिएंट्स को देखते हुए पाकिस्तान ने भारत, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव समेत 26 देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिया था. यह प्रतिबंध 30 जून तक जारी रहेगा. नेशनल कमांड ऑपरेशन सेंटर (NCOC) ने इन देशों को C कैटेगरी में रखा है. पाकिस्तान ने डेल्टा व डेल्टा प्लस वेरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया.