सुप्रीम कोर्ट: स्वास्थ्य के विषय को राज्य सूची से केंद्रीय सूची में डालने की मांग वाली याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें केंद्र सरकार को निर्देश देने की गुहार लगाई गई थी कि स्वास्थ्य को राज्य सूची से निकालकर केंद्रीय सूची में डाल दिया जाए। जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ ने पूर्व जिला एवं सत्र जज सुजाता कोहली द्वारा इस दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। याचिका में यह भी गुहार लगाई गई थी कि पूरे देश के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग का गठन किया जाना चाहिए।

पीठ ने कहा कि कानून बहुतायत में हैं। हमारे पास इस न्यायालय के सैकड़ों निर्णय हैं जिनमें कहा गया है कि हम विधायिका को कानून बनाने का निर्देश नहीं दे सकते। पीठ ने याचिकाकर्ता पूर्व जज से मौखिक तौर पर कहा कि उन्हें सरकार के पास जाना चाहिए और इस संबंध में सरकार से आग्रह करना चाहिए।

सुनवाई के दौरान कोहली ने पीठ से यह कहा कि कोविड-19 महामारी के इस दोर में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवा मामले में पूरी तरह से फेल रही है, ऐसे में स्वास्थ्य को राज्य सूची से निकालकर केंद्रीय सूची में डाल देना दिया जाना। जवाब में पीठ ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि क्या अदालत इस तरह का आदेश पास कर सकती है कि किसी विषय को राज्य सूची से निकालकर केंद्रीय सूची में डाल दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि इस तरह का आदेश पारित करना हमारे अधिकारक्षेत्र में नहीं है।