ऑक्सीजन पर ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं, झूठ बोल रहे बीजेपी नेता : सिसोदिया

ऑक्सीजन की माँग को लेकर सुप्रीम कोर्ट की एक कथित रिपोर्ट हंगामे का विषय बन गई है. आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच इसे लेकर राजनीति हो रही है.

शुक्रवार सुबह भारतीय मीडिया में ऐसी ख़बरें आईं कि भारत की सर्वोच्च अदालत द्वारा गठित एक ‘ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी’ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ‘केजरीवाल सरकार ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ज़रूरत से चार गुना ज़्यादा ऑक्सीजन की माँग की.’ लेकिन आम आदमी पार्टी ने ऐसी किसी रिपोर्ट के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिए हैं.

अख़बारों मे छपी ख़बरों के मुताबिक़, दिल्ली सरकार को असल में क़रीब 289 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की दरकार थी, लेकिन उनके द्वारा क़रीब 1200 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की माँग की गई. मगर आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि ये रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के पेनल की नहीं, बल्कि एक सब-पेनल की है जो अभी मुख्य पेनल को भेजी गई है और ये सब-पेनल दरअसल केंद्र सरकार का ही है.
आम आदमी पार्टी का जवाब

आम आदमी पार्टी ने इस ख़बर का पुरजोर खंडन किया है. पार्टी के नेता और दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस से कहा कि ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं. उन्होंने कहा, “सच तो ये है कि ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं. बीजेपी झूठ बोल रही है. सुप्रीम ने एक ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी बनाई है. हमने इसके कई सदस्यों से बात की है. उनका कहना है कि उन्होंने तो अब तक रिपोर्ट साइन ही नहीं की है. अगर रिपोर्ट अप्रूव नहीं हुई है, तो ये रिपोर्ट है कहाँ? मैं चुनौती देता हूँ बीजेपी के नेताओं को कि वो रिपोर्ट लाएं जिसे अप्रूव किया गया हो. झूठ की भी इंतहा होती है.”

अख़बारों में प्रकाशित ख़बरों में कहा गया था कि केजरीवाल सरकार की ज़रूरत से अधिक माँग का असर उन 12 राज्यों पर देखा गया जहाँ ऑक्सीजन की कमी से कई मरीज़ों को अपनी जान गँवानी पड़ी. भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की भारी किल्लत देखने को मिली थी. कई बार ऐसी ख़बरें आयीं थी कि ऑक्सीजन की कमी के चलते रातोंरात कई मरीज़ों की मौत हो गई. उस दौर में केजरीवाल सरकार ने केंद्र सरकार से ऑक्सीजन की माँग की थी.

बीजेपी का हमला

इस कथित रिपोर्ट के आधार पर भारतीय जनता पार्टी के कई नेता दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है. दिल्ली से बीजेपी के सांसद गौतम गंभीर ने ट्वीट किया कि “अरविंद केजरीवाल, अगर ज़रा भी शर्म बची है तो देश से माफ़ी माँगो.” रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा है कि “इस रिपोर्ट के आने के बाद, उम्मीद है कि इस गड़बड़ी के लिए ज़िम्मेदारी भी तय की जायेगी.” बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने लिखा है कि “आख़िर सच बाहर आ ही गया. यानी केजरीवाल लगातार झूठ बोल रहे थे.”