राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट सीबर्ड का किया हवाई सर्वेक्षण

कर्नाटक: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नाटक के कारवार और कोच्चि में भारत के प्रमुख नौसन्य अड्डों का गुरुवार को दो दिवसीय दौरा शुरू किया। कारवार में नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह के साथ भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट सीबर्ड का हवाई सर्वेक्षण किया।

बता दें कि भारतीय नौसेना कारवार में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण नौसैन्य अड्डे का विस्तार कर रही है। एक बार जब यह अड्डा पूरी तरह विकसित हो जाएगा तो यह एशिया में सबसे बड़े नौसैन्य अड्डों में से एक होगा।

सूत्रों ने बताया कि कोच्चि में रक्षा मंत्री सिंह भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक जहाज (आईएसी-1) विक्रांत के निर्माण की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। इस जहाज के इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत तक नौसेना में शामिल होने की संभावना है।

पिछले साल दिसंबर में सीएसएल में विमानवाहक पोत के बेसिन परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुए और इसने महत्वाकांक्षी युद्धपोत निर्माण परियोजना के पहले चरण में प्रवेश किया। बेसिन परीक्षण, समुद्री परीक्षण से पहले पानी में तैरने की स्थिति में जहाज की मशीनरी और उपकरणों का परीक्षण होता है।

एक रक्षा प्रवक्ता ने पहले कहा था कि आईएसी परियोजना आत्मनिर्भर भारत का सही उदाहरण है जिसमें 75 प्रतिशत सामग्री और उपकरण स्वदेशी हैं। इस परियोजना से 50 से अधिक भारतीय विनिर्माता सीधे तौर पर जुड़े हैं और इससे भारतीय नागरिकों के लिए रोजगार के अच्छे अवसर मिले हैं।

उन्होंने बताया कि आईएसी पर रोजाना आधार पर करीब 2,000 भारतीयों को सीधा रोजगार मिला, वहीं 40 हजार से अधिक लोगों को परोक्ष रूप से रोजी-रोटी मिली।

प्रवक्ता के अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत 20,000 करोड़ रुपये है जिसका 80-85 प्रतिशत धन भारतीय अर्थव्यवस्था में ही लगा है।