विदेश जाना है तो 28 दिन में ही लगवा सकेंगे कोविशील्ड की दूसरी डोज

विदेश जाने वाले लोगों के लिए वैक्सीन जरूरी होने पर केंद्र सरकार ने ऐसे लोगों कोवैक्सीन लगाने में रियायत दी है। विदेश में नौकरी, पढ़ने के लिए या काम के सिलसिले में जाने वाले लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन लगाई जाएगी। ऐसे लोगों को दूसरी डोज भी 28 दिन बाद लगाई जा सकती है। जबकि अन्य लोगों को इसकी दूसरी डोज तीन महीने बाद लगाई जा रही है।
सभी देशों ने अपने यहां आने वाले लोगों के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना जरूरी कर दिया है। कोवॉक्सीन लगवाने वाले लोग विदेश यात्रा नहीं कर सकते। कोविशील्ड लगवाने वाले लोग ही विदेश जा सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए केंद्र सरकार ने कुछ रियायतें दी हैं। यदि कोई विद्यार्थी विदेश में पढ़ने के लिए जाता है, विदेश से आया कोई व्यक्ति अपने देश में वापस जाना चाहता है या फिर काम के सिलसिले में भारत आया कोई व्यक्ति वापस विदेश जाना चाहता है तो उसे कोविशील्ड वैक्सीन लगाई जा रही है। वैसे तो आम लोगों को कोविशील्ड की दूसरी डोज तीन महीने बाद लगाई जा रही है। लेकिन इन लोगों को कोविशील्ड की दूसरी डोज 28 दिन बाद लगाई जाएगी। इसके लिए इन लोगों को अपने सभी दस्तावेज स्वास्थ्य विभाग के पास जमा करवाने होंगे। स्वास्थ्य विभाग इन दस्तावेजों को विदेश मंत्रालय के पास भेजेगा। विदेश मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद ही इन लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जाएगी।
केंद्र सरकार द्वारा यह नियम सोमवार से लागू किया गया है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसे पांच लोगों ने आवेदन किया है। इन लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगा दी गई है। जबकि दूसरी डोज विदेश मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद ही लगाई जाएगी। मंगलवार को जिन लोगों ने आवेदन किए हैं, वह सभी पढ़ाई करने के लिए विदेश जाने वाले विद्यार्थी हैं।
विदेश जाने के लिए कोविशील्ड वैक्सीन लगाने के लिए इन लोगों को कुछ रियायतें दी गई हैं। इनमें पढ़ाई के लिए जाने वाले, नौकरी के सिलसिले में जाने वाले तथा किसी कार्य से भारत आए लोग, जो वापस जाना चाहते हैं, को शामिल किया है। इन लोगों को प्राथमिकता के आधार पर 28 दिन बाद वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा सकती है। मंगलवार को विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले पांच युवकों ने आवेदन किए हैं। इनको पहली डोज लगा दी है। दूसरी डोज विदेश मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद ही लगाई जाएगी।
डॉ. नवनीत सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।