टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड पर निशाना लगाना चाहती हैं मनु भाकर, जमकर कर रही हैं मेहनत

अमित पोपली, झज्जर। स्कूल की शूटिंग रेंज से ओलंपिक तक का सफर तय करने वाली हरियाणा के झज्जर की बेटी मनु भाकर का लक्ष्य स्वर्ण है। मनु से उम्मीद इसलिए भी अधिक है, क्योंकि टोक्यो ओलंपिक के लिए नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मनु को तीन स्पर्धाओं में शामिल किया है। वह 10 मीटर एयर पिस्टल, 25 मीटर स्पो‌र्ट्स पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। दरअसल, पिछले साल जब ओलंपिक स्थगित किए गए तो फॉर्म में चल रही मनु थोड़ा निराश हुई थीं लेकिन बहुत ही जल्द उन्होंने इस बात को स्वीकार कर लिया कि गेम्स का एक साल के लिए स्थगित होना खेल को और निखारने के लिए समय मिलने जैसा है। बीते साल में उनके प्रदर्शन और व्यक्तित्व में बहुत कुछ बदल गया है।

लंबे अरसे के बाद लाकडाउन में उन्हें परिवार के साथ रहने का मौका मिला तो उन्होंने इस अवसर का भरपूर आनंद लिया। हालांकि परिवार के साथ रहने के बावजूद तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ने दिया। अभ्यास में कोई कमी न आए, इसे देखते हुए पिता राम किशन भाकर ने मनु के लिए घर में ही शूटिंग रेंज तैयार करा दी थी। शूटिंग के लिए शेड्यूल भी तय था। विशेषज्ञ आनलाइन रहते हुए मनु को ट्रेनिंग देते थे। लाकडाउन में थोड़ी ढील मिलने पर अब वह क्रोएशिया पहुंच गई हैं। वहां अपने खेल को और निखारने के लिए प्रशिक्षण ले रही हैं। ओलंपिक तक भाकर वहीं रहेंगी।

प्रतिदिन 12 घंटे अभ्यास करती थीं मनु : पिता मरीन इंजीनियर राम किशन भाकर ने बताया कि ओलंपिक से पहले अपने कौशल को निखारने के लिए मनु ने अभ्यास में हर दिन करीब 12 घंटे तक लगाए हैं जिसमें शूटिंग रेंज में अभ्यास करने सहित मनोवैज्ञानिक के साथ चर्चा भी शामिल रहती है। ओलंपिक में जाने को लेकर मनु पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं है। कारण कि वे पिछले चार साल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग स्पर्धाओं में शूटिंग कर रही हैं और प्रदर्शन भी बेहतर रहा हैं। ओलंपिक में मनु पदक हासिल करें, यह हम सभी का सपना है।

मनु भाकर की उपलब्धि-

नाम : मनु भाकर

पैतृक गांव : गोरिया, झज्जर

जन्म तिथि : 18 फरवरी 2002

विश्व कप : नौ स्वर्ण, एक रजत

यूथ ओलंपिक गेम्स : एक स्वर्ण, एक रजत

कॉमनवेल्थ गेम्स : एक स्वर्ण

एशियन शूटिंग विश्व कप : तीन स्वर्ण, एक रजत