ट्विटर को भी भारतीय नियमों का पालन करना होगा : रविशंकर प्रसाद

नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नये आईटी नियमों पर कहा कि ट्विटर को छोड़कर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि भारत में काम करने के लिए ट्विटर को भी भारतीय नियमों का पालन करना होगा. प्रसाद ने उन विदेशी कंपनियों को भी चेतावनी दी है जो भारत में कारोबार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कंपनियों को भारत के नियमों का पालन करना ही होगी.

एबीपी न्यूज से विशेष बातचीत में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्होंने ट्विटर को संदेश भेज दिया है कि अगर आपको भारत में काम करना है तो यहां के नियमों को मानना ही होगा. अन्यथा आप भारत छोड़कर अपने देश जा सकते हैं और यहां के अपने उपयोगकर्ताओं का आधार यहीं छोड़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि कानून पालन के मामले में हम आलोचनाओं पर ध्यान नहीं देते.

प्रसाद ने कहा कि ट्विटर के करोड़ों भारतीय उपयोगकर्ताओं को भी भारत सरकार के निर्णय का साथ देना चाहिए और सहयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम किसी के भी निजी जीवन मे ताक-झांक नहीं करना चाहते. ना ही हम किसी के संदेशों को पढ़ना चाहते हैं. लेकिन बात जब महिला उत्पीड़न, धार्मिक दंगे, हिंसा और राष्ट्रीय अखंडता को ठेस पहुंचाने की हो तो हमें कठोर निर्णय लेना ही होगा.

उन्होंने विदेशी कंपनियों से कहा कि जिस प्रकार अमेरिका में वहां के नियमों का पालन किया जाता है, उसी प्रकार विदेशी कंपनियों को भारत में भी यहां के नियमों का पालन करना ही होगा. लोकतंत्र का यह मतलब कतई नहीं होता कि आप कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं. कुछ ऐसे नियम होते हैं जिनका पालन करना बेहद आवश्यक होता है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने भी कहा है कि ट्विटर को सरकार की ओर से बनाये गये नियमों का पालन करना होगा. एक याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार और ट्विटर को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है. कोर्ट अधिवक्ता अमित आचार्य की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें कहा गया है कि ट्विटर ने भारत सरकार के नियमों का पालन नहीं किया है. जबकि ट्विटर ने कहा है कि उसने नियमों का पालन किया है और एक शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया है.