जैसे-जैसे मैं खेलता रहा, मुझे एहसास हुआ कि स्विंग के साथ मुझे अपनी गति में सुधार करने की जरूरत है : भुवनेश्वर कुमार

नई दिल्ली। भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार पिछले पांच सालों में टीम इंडिया के सफल गेंदबाजों में से एक रहे हैं। उन्होंने जसप्रीत बुमराह के साथ मिलकर टीम इंडिया के लिए घातक गेंदबाजी की। वनडे और टी 20 में भुवनेश्वर कुमार पर टीम इंडिया ने पूरा भरोसा दिखाया। लेकिन चोटों की वजह से कई मैचों से दूर रहना पड़ा। भुवनेश्वर कुमार ने मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ लिमिटेड ओवर की सीरीज में प्रभावशाली वापसी की। इससे पहले वो चोट की वजह से टीम से बाहर थे।

भुवनेश्वर अपनी स्विंग गेंदबाजी और सटीक लेंथे के लिए जाने जाते हैं। भुवनेश्वर कुमार ने खुलासा किया कि उन्हें अपनी शुरुआती वर्षों में अपनी गेंदबाजी में गति जोड़ने की आवश्यकता का एहसास नहीं था। सनराइजर्स हैदराबाद के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा,” “ईमानदारी से कहूं तो, पहले कुछ वर्षों में मुझे नहीं पता था कि गति कुछ ऐसी है जिसे गेंदबाजी में जोड़ने की जरूरत है। जैसे-जैसे
मैं खेलता रहा, मुझे एहसास हुआ कि स्विंग के साथ मुझे अपनी गति में सुधार करने की जरूरत है। मेरी गति 120 किमी प्रति घंटा या सिर्फ 130 किमी प्रति घंटा थी। उसी गति से बल्लेबाज स्विंग को समायोजित कर रहे थे। इसलिए, मैं गति बढ़ाना चाहता था, लेकिन मुझे नहीं पता था कि यह कैसे करना है। कड़ी मेहनत करने और जिम में समय बिताने के बाद यह सामान्य बात हो गई।”

उन्होंने आगे कहा कि सौभाग्य से मैं गति में सुधार करने में सक्षम था और इससे मुझे बाद के चरणों में वास्तव में मदद मिली। तो हां, जब आपके पास गति होती है, 140 से अधिक की गति नहीं, लेकिन 130 किलोमीटर प्रति घंटे के मध्य में गेंदबाजी करने से उस स्विंग को बनाए रखने और बल्लेबाज को अनुमान लगाने में मदद मिलती है। गौरतलब है कि भुवनेश्वर को साउथैम्प्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए नहीं चुना गया है। इस बारे में उन्होंने हाल में स्पष्ट कर दिया कि वह लाल गेंद वाली टीम में वापसी करने के इच्छुक हैं। भुवनेश्वर कुमार को श्रीलंका के खिलाफ लिमिटेड ओवरों की सीरीज के लिए टीम इंडिया में चुने जाने की पूरी संभावना है।