2047 तक सिंगापुर के बराबर करेंगे दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय, भव्य तरीके से मनाएंगे आजादी के 75 साल : केजरीवाल

नयी दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश किए गए बजट की जानकारी दी। केजरीवाल ने कहा कि बहुत कठिन परिस्थितियों में इस बार का बजट तैयार किया गया है। इस बार समाज के सभी वर्गों के लोगों को ध्यान में रखा गया है। पिछले एक साल में दिल्ली समेत पूरे विश्व में कोरोना वायरस महामारी की वजह से कठिन परिस्थितियां उत्पन्न हुईं थीं। सरकार की इनकम आने के स्त्रोत बहुत ज्यादा कम हो गए थे और हमारा व्यय काफी ज्यादा बढ़ गया था।

उन्होंने कहा कि पिछली बार की तुलना में कठिन परिस्थितियों के बावजूद दिल्ली का बजट में बढ़ोत्तरी हुई है। मैं खुश हूं कि दिल्ली का 69,000 करोड़ रुपये का बजट पिछले साल से करीब छह प्रतिशत अधिक है। इसके लिए मैं दिल्ली के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने अपनी सरकार पर भरोसा किया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपना टैक्स दिया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सभी क्षेत्रों की सब्सिडी जारी रही है। बिजली, पानी, फ्री शिक्षा, फ्री दवाईयों, महिलाओं का मुफ्त सफर में दी जाने वाली सब्सिडी जारी रही। उन्होंने कहा कि अगले साल भी मुफ्त दी जाने वाली सुविधाएं जारी रहेंगी। मुझे खुशी है कि पिछले 6-7 साल से जो ट्रेंड चला आ रहा है वह जारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में लगभग एक चौथाई बजट जबकि स्वास्थ्य सेवाओं पर 14 फीसदी बजट खर्च किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में जब से हमारी सरकार बनी है तब से बजट सरप्लस में है। आजतक दिल्ली के बजट में घाटा नहीं हुआ है। कैग ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली अकेला राज्य है जहां सरकार घाटे का नहीं बल्कि सरप्लस में बजट करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दिल्ली की जनता के साथ मिलकर आजादी के 75 साल को भव्य तरीके से मनाएगी। उन्होंने कहा कि 2047 में जब आजादी के 100 साल पूरे होंगे उस वक्त देश कैसा होना चाहिए। उसकी नींव हमें अभी से रखनी पड़ेगी और उस नींव को रखने का काम इस बजट ने किया है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश के हिसाब से बहुत बढ़िया है लेकिन दुनिया के स्तर पर उतना बेहतर नहीं है। हमारा सपना है कि दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय को सिंगापुर की प्रति व्यक्ति आय के बराबर करना है। इसके लिए 2047 तक का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने आगे बताया कि इस बार के बजट में विजन दिया गया है कि 2048 का ओलंपिक खेल दिल्ली में होना चाहिए। 2048 के ओलंपिक खेल के लिए दिल्ली आवेदन करेगा। इसके लिए जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य जरूरत की चीजें करनी होगी, हम करेंगे।