महिला दिवस पर उमा और वसुंधरा करेंगी अभियान की शुरुआत !

भोपाल। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सक्रिय राजनीति में लौटने की दिशा की तरफ एक अभियान की शुरूआत करने वाली है। इतना ही नहीं 8 मार्च के दिन राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया भी अपने समर्थकों के साथ मिलकर शक्ति प्रदर्शन कर सकती हैं।

भाजपा नेता उमा भारती शराब और नशे के खिलाफ अभियान की शुरूआत करेंगी। उन्होंने ट्वीट करके जानकारी दी थी कि नशा मुक्ति अभियान के लिए मुझे मेरी सहयोगी मिल गयी है । “ख़ुशबू” नाम की यह युवती मध्यप्रदेश की है तथा वह उत्तराखंड़ में मेरे गंगा प्रवास में शामिल होने आयी थी । मैंने उसमें निष्ठा एवं साहस दोनो देखे तभी उसी समय उसका नाम “गंगा भारती” हो गया था।

उन्होंने आगे लिखा था कि मैंने गंगा को 8 मार्च 2021 को महिला दिवस पर शराब एवं नशमुक्ति अभियान प्रारम्भ करने की तैयारी करने के लिये कहा है। मध्य प्रदेश में अपनी राजनीतिक पैठ खो चुकी उमा भारती शराबमुक्ति अभियान के माध्यम से पाने की कोशिश में जुटेंगी। न सिर्फ उमा भारती बल्कि वसुंधरा राजे सिंधिया भी मैदान में हैं। 8 मार्च का दिन वसुंधरा राजे समर्थकों के लिए खास है क्योंकि उनका जन्मदिन हैं। ऐसे में वह अपने समर्थकों के साथ मिलकर शक्ति प्रदर्शन कर सकती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। इसके पीछे उन्होंने संगठन के लिए कार्य करने की इच्छा जताई थी। हालांकि, बाद में कहा गया कि उमा भारती भोपाल या फिर खजुराहो से चुनाव लड़ना चाहती थीं मगर पार्टी ने मना कर दिया।

गुजरात, बिहार के बाद क्या मध्य प्रदेश में भी शराबबंदी होगी ? यह सवाल अपने आप में अहम है क्योंकि पिछले दिनों उमा भारती ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मांग की थी कि भाजपा शासित राज्यों में शराबबंदी की योजना तैयार की जाए और अब उन्होंने ट्वीटकर शराब और नशाबंदी के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनता से सहयोग मांगते हुए कहा था कि सिर्फ शराबबंदी से नहीं होगा, पीने वाले रहेंगे तो दारू आती रहेगी। मुख्यमंत्री चौहान ने यह बात कटनी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही थी।

उन्होंने कहा था कि आप नशामुक्ति का संकल्प लीजिए। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार को सालाना शराब से करीब 14 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में सरकार शराबबंदी करेगी या सिर्फ शराबबंदी अभियान ही चलाया जाएगा। भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा। राजस्थान में तो भाजपा के दो गुट देखने को मिलते हैं। पहला गुट वसुंधरा राजे और उनके समर्थकों का तो दूसरा प्रदेश भाजपा संगठन है। बता दें कि वसुंधरा राजे के समर्थकों ने तो वसुंधरा राजे समर्थक मंच भी बना लिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वसुंधरा राजे अपने जन्मदिन पर कई धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत कर सकती हैं।

हमने आपको पहले भी बताया है कि राजस्थान भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। वहीं, वसुंधरा राजे समर्थक मंच का इस्तेमाल लोगों तक काम पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। इस मंच का असल उद्देश्य है कि वसुंधरा का कद घटाने का जो प्रयास किया जा रहा था, उसे समाप्त कर राजस्थान की सबसे मजबूत लीडर के तौर पर पेश करना है।

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